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नागरिकता कानून के खिलाफ मुंबई में विरोध प्रदर्शन आज, सीएम उद्धव ठाकरे ने की कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक पंजी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों से कानून और व्यवस्था बनाए रखने का अनुरोध किया.

नागरिकता कानून के खिलाफ मुंबई में विरोध प्रदर्शन आज, सीएम उद्धव ठाकरे ने की कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील
उद्धव ठाकरे (Photo Credits: ANI)

महाराष्ट्र (Maharashtra) के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुस्लिम समुदाय (Muslim Community) के प्रतिनिधियों से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों से कानून और व्यवस्था (Law and Order) बनाए रखने का अनुरोध किया. नागरिकता कानून के खिलाफ गुरुवार को मुंबई (Mumbai) के अगस्त क्रांति मैदान (August Kranti Maidan) में कई सारे संगठन विरोध प्रदर्शन करेंगे. इस आंदोलन को कांग्रेस और एनसीपी समेत अन्य पार्टियों ने अपना समर्थन दिया है.

उधर, बॉलीवुड अभिनेता फरहान अख्तर ने बुधवार को कहा कि वह संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए सड़क पर उतरेंगे क्योंकि सिर्फ सोशल मीडिया पर गुस्सा जाहिर करने का वक्त अब निकल चुका है. यह भी पढ़ें- महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने जामिया हिंसा की तुलना जलियांवाला बाग से की, स्टूडेंट्स पर बर्बरता को लेकर मोदी सरकार को दी ये नसीहत.

फरहान अख्तर ने ट्विटर पर कहा की गुरुवार को अगस्त क्रांति मैदान में आयोजित होने वाले विरोध प्रदर्शन में वह हिस्सा लेंगे. फरहान अख्तर ने कहा था, ‘मुंबई में अगस्त क्रांति मैदान पर 19 दिसंबर को मिलता हूं. सिर्फ सोशल मीडिया पर विरोध करने का वक्त अब निकल चुका.'

बता दें कि मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में संगठनों द्वारा देश में पुलिस प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बर्बर कार्रवाई का भी विरोध किया जाएगा. इससे पहले महाराष्ट्र में असमिया समुदाय के सदस्यों ने बुधवार को संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया. उन्होंने दावा किया कि इस अधिनियम ने असम की संस्कृति को खतरे में डाल दिया है. प्रदर्शन कर रहे असमिया लोगों का कहना है कि इस नये कानून से असम की पारंपरिक, सांस्कृतिक और भाषाई पहचान को नुकसान पहुंचेगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 19, 2019 09:14 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).