बॉम्बे हाईकोर्ट ने नारायण राणे के बंगले पर अवैध निर्माण को तोड़ने का आदेश दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) को केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के मुंबई स्थित बंगले में '300 प्रतिशत अवैध हिस्से' को दो सप्ताह के भीतर ध्वस्त करने का निर्देश दिया है.
मुंबई, 20 सितंबर : बॉम्बे हाईकोर्ट ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) को केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के मुंबई स्थित बंगले में '300 प्रतिशत अवैध हिस्से' को दो सप्ताह के भीतर ध्वस्त करने का निर्देश दिया है. न्यायमूर्ति आर.डी. धानुका और न्यायमूर्ति कमल खाता की खंडपीठ ने कंपनी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. साथ ही कंपनी की ओर से दायर उस याचिका को भी खारिज कर दिया, जिसमें बीएमसी से उसके पूर्व आदेश से प्रभावित हुए बिना बंगले में अनधिकृत निर्माण को नियमित करने के उसके दूसरे आवेदन पर विचार करने का अनुरोध किया गया था.
अदालत ने याचिकाकर्ता कंपनी कालका रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड के वकील शार्दूल सिंह के आदेश पर 6 सप्ताह की रोक लगाने की मांग वाली याचिका भी खारिज कर दी. इस साल मार्च में जब पिछली महा विकास अघाड़ी सत्ता में थी, बीएमसी ने केआरईपीएल को नोटिस जारी किया था कि वह 15 दिनों के भीतर अपने परिसर में लगभग 300 प्रतिशत के अवैध निर्माणों को हटा दे. इस नोटिस को केआरईपीएल ने चुनौती दी थी. कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि बीएमसी को सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और वैधानिक प्रावधानों के साथ असंगत कदम उठाने की अनुमति नहीं दी जा सकती. यह भी पढ़ें : तेलंगाना के स्कूलों में फूड पॉइजनिंग का एक और मामला, 31 बीमार
न्यायमूर्ति धानुका और न्यायमूर्ति खाता ने केआरईपीएल के नियमितीकरण के दूसरे आवेदन को खारिज करते हुए कहा कि यह वैधानिक प्रावधानों के लिए खिलाफ मुंबई शहर के भीतर बड़े पैमाने पर उल्लंघन को प्रोत्साहित करने के समान होगा. कानूनी घटनाक्रम के बाद अदालत ने पूछा कि क्या ऐसा दूसरा आवेदन मुंबई नगर निगम अधिनियम के तहत बनाए रखा जा सकता है ?, इस पर बीएमसी ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 20, 2022 02:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

