BMC में 44 साल बाद BJP की वापसी, रितु तावड़े बनीं मुंबई की पहली बीजेपी मेयर, संजय घाडी को मिली डिप्टी मेयर की कमान; VIDEO

मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव के बाद बीजेपी की रितु तावड़े निर्विरोध मेयर चुनी गई हैं. इसके साथ ही संजय शंकर घाड़ी डिप्टी मेयर बने हैं, जिससे बीएमसी में 25 साल बाद सत्ता का समीकरण बदल गया है

(Photo Credits: X)

Ritu Tawde Becomes First BJP Mumbai Mayor:  देश की सबसे अमीर महानगरपालिका, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) में आज एक नए युग की शुरुआत हुई है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वरिष्ठ पार्षद रितु तावड़े को बुधवार को निर्विरोध मुंबई का मेयर चुन लिया गया. यह जीत इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि 44 साल के लंबे अंतराल के बाद बीजेपी का कोई नेता मुंबई के मेयर पद पर काबिज हुआ है. उनके साथ ही मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के संजय शंकर घाड़ी को निर्विरोध डिप्टी मेयर चुना गया है.

निर्विरोध हुआ चुनाव

मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए चुनाव की प्रक्रिया बीएमसी मुख्यालय के ऐतिहासिक हॉल में संपन्न हुई. विपक्षी दल शिवसेना (UBT) द्वारा अपना उम्मीदवार नहीं उतारने के फैसले के बाद रितु तावड़े और संजय घाड़ी की राह आसान हो गई. चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद नगर आयुक्त भूषण गगरानी ने औपचारिक रूप से उनके नाम की घोषणा की. रितु तावड़े मुंबई की 78वीं मेयर बनी हैं.  यह भी पढ़े: Who is Ritu Tawde: BJP ने मुंबई की कमान रीतू तावड़े के हाथों में सौंपी, जानें उनके बारे में और उनका वार्ड

रितु तावड़े मेयर, संजय घाडी बनें डिप्टी मेयर

दिग्गज नेताओं ने दी बधाई

रितु तावड़े और संजय घाड़ी का राजनीतिक परिचय

रितु तावड़े घाटकोपर पूर्व (वार्ड 132) से तीसरी बार पार्षद चुनी गई हैं. वे पहले बीएमसी की शिक्षा समिति की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं और उन्हें एक आक्रामक 'मराठी चेहरे' के तौर पर देखा जाता है. वहीं, डिप्टी मेयर बने संजय शंकर घाड़ी दहिसर (वार्ड 5) से पार्षद हैं और लंबे समय से संगठनात्मक राजनीति में सक्रिय रहे हैं.

25 साल के वर्चस्व का अंत

यह चुनाव परिणाम मुंबई की राजनीति में बड़े उलटफेर का संकेत है. पिछले 25 वर्षों से बीएमसी की सत्ता पर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना का कब्जा था. आखिरी बार 1982-83 में बीजेपी के डॉ. प्रभाकर पाई मुंबई के मेयर बने थे. हाल ही में हुए बीएमसी चुनावों में बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, जिससे महायुति गठबंधन को बहुमत का आंकड़ा (114) पार करने में मदद मिली.

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