Who Will Be Mumbai’s Next Mayor? देश की सबसे अमीर महानगरपालिका, बीएमसी (BMC) को अपना अगला 'प्रथम नागरिक' यानी मेयर मिलने की घड़ी आ गई है. शनिवार, 7 फरवरी को मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन है. पिछले कई हफ्तों से बीजेपी और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच चल रही खींचतान के बाद अब सत्ता के बंटवारे का फॉर्मूला तय हो गया है. जानकारी के मुताबिक, मुंबई का अगला मेयर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का होगा, जबकि डिप्टी मेयर का पद शिंदे गुट को दिया जा सकता है.
इस चुनाव के लिए मतदान 11 फरवरी को बीएमसी मुख्यालय के टाउन हॉल में होगा. इसके साथ ही मुंबई महानगरपालिका पर पिछले 25 वर्षों से चले आ रहे ठाकरे परिवार के वर्चस्व के आधिकारिक अंत पर मुहर लग जाएगी. यह भी पढ़े: Who Will Be Mumbai’s Next Mayor? मुंबई का अगला मेयर कौन? लॉटरी में महिला वर्ग आरक्षण की घोषणा के बाद बढ़ी राजनीतिक गहमागहमी
महायुति का 'पावर शेयरिंग' फॉर्मूला
बीएमसी चुनाव 2026 के नतीजों में बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, वहीं शिंदे सेना ने 29 सीटें जीती हैं. बहुमत के लिए 114 का आंकड़ा जरूरी है और महायुति के पास कुल 118 पार्षद हैं. सूत्रों के अनुसार, दोनों दलों के बीच हुए समझौते के तहत:
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मेयर पद: भारतीय जनता पार्टी के पास रहेगा.
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डिप्टी मेयर: शिंदे नीत शिवसेना के खाते में जाएगा.
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समितियां: स्थायी समिति (Standing Committee) का अध्यक्ष पद बीजेपी को मिलने की उम्मीद है, जबकि सुधार समिति और स्वास्थ्य समिति जैसे महत्वपूर्ण विभाग शिंदे सेना को मिल सकते हैं.
महिला उम्मीदवार के लिए आरक्षित है सीट
इस बार मुंबई मेयर का पद 'सामान्य वर्ग की महिला' के लिए आरक्षित किया गया है. ऐसे में बीजेपी के भीतर कई नामों पर चर्चा तेज है. पार्टी किसी ऐसे चेहरे को मौका देना चाहती है जो मराठी भाषी हो और जिसकी प्रशासनिक पकड़ मजबूत हो. बीजेपी आज दोपहर तक अपने आधिकारिक उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर सकती है.
विपक्षी खेमे की हलचल
दूसरी तरफ, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) ने भी हार नहीं मानी है. 65 पार्षदों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते वे भी अपना उम्मीदवार उतारने की तैयारी में हैं. संजय राउत ने इसे 'मुंबई की अस्मिता की लड़ाई' करार दिया है. हालांकि, संख्या बल के हिसाब से महायुति का पलड़ा भारी नजर आ रहा है, लेकिन विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA) के उम्मीदवार उतारने से चुनाव रोचक हो सकता है.
11 फरवरी को होगा फैसला
11 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. सभी नवनिर्वाचित पार्षदों को व्हिप जारी किया गया है. यदि कोई क्रॉस वोटिंग नहीं होती है, तो 11 फरवरी की शाम तक मुंबई को अपना 78वां मेयर मिल जाएगा. यह चुनाव न केवल मुंबई के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए भी एक बड़ा सियासी संदेश होगा.










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