6 मई की बड़ी खबरें और अपडेट्स
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

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विक्ट्री डे परेड से पहले रूस ने यूक्रेन पर किए हमले, 28 लोगों की मौत

होर्मुज से जहाजों को निकालने का अभियान फिलहाल रोकेगा अमेरिका

अरब सागर में फंसे भारतीय जहाज की पाकिस्तानी नौसेना ने की मदद

हंटावायरस की चपेट में आए जहाज को अपने द्वीप पर जगह देगा स्पेन

ईरान पर हमले के बाद से अमेरिका में 50 फीसदी महंगा हुआ पेट्रोल

ट्रंप के दौरे से पहले चीन पहुंचे ईरानी विदेश मंत्री, चीन ने युद्धविराम की अपील की

नेपाल में राजनीतिक पार्टियों से जुड़ी स्टूडेंट यूनियनों पर प्रतिबंध का विरोध

नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने राजनीतिक पार्टियों से जुड़े छात्र संगठनों और ट्रेड यूनियनों पर लगाए गए प्रतिबंध का बचाव किया है. बालेंद्र ने मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह कदम "देश को पार्टी नियंत्रण से बाहर निकालने और संस्थागत रास्ते पर लाने" के लिए उठाया गया है. वहीं, छात्र संगठन इस फैसले का विरोध कर रहे हैं और प्रतिबंध को हटाने की मांग कर रहे हैं.

नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने पिछले सप्ताहांत में बालेंद्र शाह की कैबिनेट की सिफारिश पर एक अध्यादेश जारी किया, जिसके तहत राजनीतिक दलों से जुड़े सिविल सेवा ट्रेड यूनियन और छात्र संगठन प्रतिबंधित कर दिए गए. बालेंद्र ने इस कदम के बचाव में लिखा, "यह स्कूलों और नौकरशाही को राजनीतिक दलों के प्रभाव से मुक्त करने का एक प्रयास है."

रत्न राज्यलक्ष्मी कैंपस में फ्री स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष लोकेश कुमार ने न्यूज एजेंसी एएफपी से कहा कि यह पूरी तरह से गलत है और सभी स्टूडेंट यूनियन इस फैसले की निंदा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि नेपाल के राजनीतिक इतिहास में स्टूडेंट यूनियनों ने अहम भूमिका निभाई है और वे अन्यायपूर्ण कदमों के खिलाफ “सड़कों पर विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे.” उन्होंने नए पीएम बालेंद्र शाह पर “तानाशाही भरा रवैया” अपनाने का भी आरोप लगाया है.

ट्रंप से असहमति के बावजूद, अच्छे रिश्तों के लिए प्रतिबद्ध: जर्मन चांसलर

जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स ने बुधवार, 6 मई को कहा कि वे अच्छे ट्रांसअटलांटिक संबंधों के लिए प्रतिबद्ध हैं, फिर भले ही वे ईरान युद्ध के मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से असहमत हों. मैर्त्स ने पब्लिक ब्रॉडकास्टर जेडडेएफ से कहा,"हमारे बीच असहमति है, पर वह मुझे मंजूर है." उन्होंने कहा, "मैं भविष्य में भी अपने मन की बात कहता रहूंगा. मैं इस बारे में उनसे (ट्रंप) बात करूंगा."

जर्मन चांसलर ने कहा, "हम फोन पर नियमित रूप से बात करते हैं. लेकिन एक अच्छी साझेदारी में मतभेदों को सहने की क्षमता होनी चाहिए." हाल ही में ट्रंप की ईरान युद्ध को लेकर मैर्त्स के साथ तीखी बहस हुई है. 6 मई को मैर्त्स के चांसलर कार्यकाल का एक साल पूरा हुआ है.

उन्होंने कहा कि मैर्त्स को नहीं पता था कि वे क्या कह रहे थे. ट्रंप ने चांसलर को अप्रभावी भी बताया. इससे पहले मैर्त्स ने कहा था कि युद्ध खत्म करने की बातचीत में ईरान, अमेरिका को अपमानित कर रहा है. मैर्त्स के बयान के बाद ट्रंप प्रशासन ने जर्मनी से पांच हजार अमेरिकी सैनिक वापस बुलाने का ऐलान किया था. यूरोप में सबसे ज्यादा अमेरिकी सैनिक जर्मनी में ही हैं.

धुर-दक्षिणपंथी युवा समूहों के करीब 50 ठिकानों पर जर्मन पुलिस की छापेमारी

जर्मनी के संघीय लोक अभियोजक ने बताया कि बुधवार, 6 मई की सुबह जर्मन पुलिस ने दो धुर-दक्षिणपंथी युवा समूहों के 36 संदिग्ध सदस्यों के घरों की तलाशी ली है. 'डॉयचे युगेन्ड फोरान' और 'युंग उंड श्टार्क' नाम के ये समूह एक आपराधिक संगठन बनाने के लिए जर्मनी के संघीय लोक अभियोजक की जांच के दायरे में हैं.

लोक अभियोजक कार्यालय ने कहा है कि 600 से अधिक पुलिस अधिकारियों ने 12 संघीय राज्यों में लगभग 50 ठिकानों की तलाशी ली. जांचकर्ताओं के अनुसार, ये सभी संदिग्ध मुख्य रूप से किशोर और युवा हैं, जिनमें से कुछ का अतीत में हिंसक व्यवहार रहा है. अभियोजकों के मुताबिक, "ऐसा कहा गया है कि कुछ आरोपियों ने वामपंथी विचारधारा के कार्यकर्ताओं या उन लोगों पर हमला किया जिन्हें वे बच्चों का यौन शोषण करने वाले मानते थे. फिलहाल इनकी गिरफ्तारी की कोई योजना नहीं है."

पढ़ें: एएफडी की तरफ क्यों आकर्षित हो रहा है जर्मनी का श्रमिक वर्ग

ईपीडी समाचार एजेंसी द्वारा जारी बयान में जांचकर्ताओं ने कहा, "आज की तलाशी का मकसद शक के मौजूदा आधारों को स्पष्ट करना है." 'डॉयचे युगेन्ड फोरान' और 'युंग उंड श्टार्क' का उभार 2024 के मध्य में हुआ था. इसी दौरान कई अन्य क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर संगठित धुर-दक्षिणपंथी युवा समूह भी सामने आए थे. तब से वे जर्मन सुरक्षा अधिकारियों के रडार पर रहे हैं. 'डॉयचे युगेन्ड फोरान' खासकर बर्लिन और ब्रांडनबुर्ग में सक्रिय है.

आईपीएल 2026 का फाइनल मुकाबला बेंगलुरु से अहमदाबाद शिफ्ट हुआ

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने बुधवार को बताया कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 का फाइनल मुकाबला बेंगलुरु की बजाय अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा. यह मुकाबला 31 मई को खेला जाना है. बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि मूल रूप से फाइनल की मेजबानी के लिए बेंगलुरु को चुना गया था लेकिन “स्थानीय एसोसिएशन और प्रशासन की कुछ मांगे, बीसीसीआई की स्थापित गाइडलाइंस और प्रोटोकॉल के दायरे से बाहर थीं इसलिए वेन्यू को शिफ्ट किया गया है.”

आईपीएल के नए शिड्यूल के मुताबिक, अब प्लेऑफ मुकाबले तीन अलग-अलग जगहों पर होंगे. 26 मई को धर्मशाला में पहला क्वालिफायर खेला जाएगा. इसके बाद न्यू चंडीगढ़ में 27 मई को एलिमिनेटर और 29 मई को दूसरा क्वालिफायर मुकाबला खेला जाएगा. अंत में 31 मई को अहमदाबाद के विशाल नरेंद्र मोदी स्टेडियम में फाइनल मुकाबला खेला जाएगा. यह दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट मैदान है, जिसकी क्षमता 1.3 लाख दर्शकों की है.

इस मैदान में लगातार हाई-प्रोफाइल मुकाबले होते रहे हैं. साल 2023 में एकदिवसीय विश्वकप का फाइनल मुकाबला यहीं खेला गया था. इस साल हुए टी-20 विश्वकप का फाइनल मुकाबला भी यहीं खेला गया. अब आईपीएल 2026 का फाइनल मुकाबला भी यहां शिफ्ट होने के बाद, यह पिछले पांच साल में यहां खेले जाने वाला चौथा फाइनल मुकाबला होगा.

भारत ने वियतनाम के साथ 25 अरब डॉलर का व्यापार करने का लक्ष्य रखा

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम से नई दिल्ली में द्विपक्षीय बातचीत की. इसके बाद उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को 25 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है. उन्होंने कहा, “पिछले दशक में भारत और वियतनाम के बीच द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होकर 16 अरब डॉलर पर पहुंच गया है. आज हमने इसे 25 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लिए कई जरूरी कदम उठाए हैं.”

पीएम मोदी ने कहा, “अहम खनिजों, रेयर अर्थ मिनरल्स और ऊर्जा सहयोग के क्षेत्र में नई पहलों के माध्यम से, हम दोनों देशों की आर्थिक सुरक्षा और आपूर्ति श्रंखला की मजबूती सुनिश्चित करेंगे.” मोदी ने कहा कि अब भारत और वियतनाम के बीच “उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी” है. उन्होंने दोनों देशों के बीच सहयोग को नई ऊंचाई तक लेकर जाने की भी बात कही.

वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम ने कहा कि दोनों देश “रक्षा और सुरक्षा सहयोग को बढ़ाएंगे और शांति एवं स्थिरता के माहौल को मजबूत करने में योगदान देंगे.” तो लाम पहली बार भारत आए हैं और बुधवार को राष्ट्रपति भवन में उनका राजकीय स्वागत किया गया. इससे पहले मंगलवार को वे बिहार के बोधगया में स्थित महाबोधि मंदिर गए. तो लाम के साथ वियतनाम का व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी आया है, जिसके साथ वे मुंबई भी जाएंगे.

पंजाब में हुए धमाकों को लेकर पुलिस और भगवंत मान के अलग-अलग दावे

पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने अमृतसर और जालंधर में हुए धमाकों के पीछे पाकिस्तान का हाथ होने की आशंका जताई है. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “अभी तक किसी समूह ने इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन हम मान रहे हैं कि ऑपरेशन सिंदूर की सालगिरह करीब आ रही है इसलिए यह पंजाब में व्यवधान लाने के लिए पाकिस्तान की (खुफिया एजेंसी) आईएसआई के डिजाइन का हिस्सा है.”

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन धमाकों के लिए बीजेपी को दोषी ठहराया है. उन्होंने रिपोर्टरों से बात करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में जीत के बाद बीजेपी ने पंजाब को अपना अगला लक्ष्य घोषित किया है. उन्होंने कहा, “ये जो बम धमाके हुए हैं, ये बीजेपी की पंजाब चुनाव की तैयारी है. वे ऐसे ही हिंसा फैलाकर, लोगों को डरा-धमकाकर वोट लेते हैं. मैं बीजेपी वालों से कहता हूं कि वे इन हरकतों से बाज आ जाएं.”

बीजेपी ने भगवंत मान के बयान पर कड़ी आपत्ति दर्ज करवाई है. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि बिना किसी जांच रिपोर्ट के राजनीतिक फायदे के लिए भगवंत मान द्वारा ऐसा बयान देना निंदनीय है. संबित पात्रा ने पंजाब के डीजीपी गौरव यादव के बयान का हवाला देते हुए कहा कि इस घटना में “आईएसआई का हाथ संभव है” और जांच अभी चल रही है. उन्होंने भगवंत मान के बयान को “देश को तोड़ने वाला” बताया है.

ईरान पर हमले के बाद से अमेरिका में 50 फीसदी महंगा हुआ पेट्रोल

अमेरिकी ऑटोमोबाइल एसोसिएशन के मुताबिक, फरवरी में जब से अमेरिका और इस्राएल का ईरान के साथ युद्ध शुरू हुआ है, तब से अमेरिका में पेट्रोल की कीमत 50 फीसदी बढ़ गई है. मंगलवार, 5 मई की रात तक अमेरिका में रेगुलर पेट्रोल के एक गैलन की कीमत औसतन 4.48 डॉलर तक पहुंच गई.

ऐसा कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों के कारण हो रहा है. होर्मुज जलडमरूमध्य के जलमार्ग को ईरान नियंत्रित करता है और दुनिया का 20 फीसदी कच्चा तेल आमतौर पर यहीं से गुजरता है. युद्ध के चलते इस जलमार्ग के बंद हो जाने से तेल के कई सौ टैंकर यहां फंसे हुए हैं. साथ ही ईरान समेत खाड़ी देशों के तेल संयंत्रों को नुकसान पहुंचा है. इससे आपूर्ति लंबे समय तक घटी रह सकती है.

एस एंड पी ग्लोबल एनर्जी में ग्लोबल फ्यूल रिटेल के डायरेक्टर रॉब स्मिथ ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया, "शुरुआती युद्धविराम की घोषणा के बाद यह उम्मीद थी कि यह संघर्ष के अंत की शुरुआत हो सकती है. लेकिन इससे फर्क नहीं पड़ता कि सरकारें क्या कहती हैं या मार्केट में लोग क्या सोचते हैं, जब तक होर्मुज बंद रहेगा, बढ़ती कीमतों का दबाव रहेगा."

अमेरिका में गैस स्टेशनों के मालिक पंप पर कीमतें तय करते हैं. लेकिन वे क्या दाम लेंगे, इस फैसले में बहुत से कारक शामिल होते हैं. बाजार में तेल की कमी का मतलब है तेल और पेट्रोल की ऊंची कीमतें.

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य के असल में बंद होने से तेल बाजारों के इतिहास में आपूर्ति की सबसे बड़ी रुकावट पैदा हुई. इसी के चलते अप्रैल की शुरुआत में तेल की कीमतें 112 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं.

ट्रंप के दौरे से पहले चीन पहुंचे ईरानी विदेश मंत्री, चीन ने युद्धविराम की अपील की

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान युद्ध में एक व्यापक युद्धविराम की अपील की है. वांग यी ने यह टिप्पणी बुधवार, 6 मई को ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची से मुलाकात के बाद की, जो 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राएल के साथ जंग शुरू होने के बाद पहली बार बीजिंग के दौरे पर आए थे.

मीटिंग के एक वीडियो के मुताबिक वांग यी ने कहा, "हमारा मानना है कि एक व्यापक युद्धविराम की सख्त जरूरत है, लड़ाई का फिर से शुरू होना कतई मंजूर नहीं है. बातचीत और समझौतों के प्रति प्रतिबद्ध रहना खास तौर पर जरूरी है." चीनी विदेश मंत्री ने कहा कि यह टकराव "पहले ही दो महीने से ज्यादा लंबा चल चुका है. इसने न केवल ईरानियों को भारी नुकसान पहुंचाया है, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक शांति पर भी गहरा असर डाला है. चीन इस बात से बेहद दुखी है."

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किया हुआ है, जो वैश्विक व्यापार और खासकर पेट्रोलियम के कारोबार के लिहाज से एक अहम जलमार्ग है. युद्ध से पहले दुनिया का लगभग 20 फीसदी पेट्रोलियम और गैस यहीं से गुजरता था. ईरान युद्ध और होर्मुज की नाकेबंदी के कारण ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे चीन और भारत जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं पर भारी आर्थिक दबाव बढ़ा है.

अरागची का यह दौरा अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के एक बड़े शिखर सम्मेलन के लिए बीजिंग पहुंचने से पहले हो रहा है. उम्मीद की जा रही है कि ट्रंप, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ 14-15 मई को बीजिंग में मुलाकात करेंगे. 2017 में ट्रंप की चीन यात्रा के बाद किसी अमेरिकी राष्ट्रपति का यह पहला दौरा होगा.

तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए टीवीके को कांग्रेस का सशर्त समर्थन

कांग्रेस ने नेता-अभिनेता विजय की टीवीके पार्टी को सरकार बनाने के लिए पूरा समर्थन देने का एलान किया है. हालांकि, कांग्रेस ने इसके लिए एक शर्त भी रखी है. तमिलनाडु कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि हमारे समर्थन की शर्त यह होगी कि टीवीके इस गठबंधन को ऐसी सांप्रदायिक ताकतों से दूर रखेगी जो भारत के संविधान में विश्वास नहीं रखतीं.

कांग्रेस ने यह भी कहा है कि यह गठबंधन सिर्फ सरकार बनाने के लिए ही नहीं किया गया है, बल्कि भविष्य में होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों और लोकसभा-राज्यसभा चुनावों में भी जारी रहेगा. कांग्रेस ने कहा है कि पारस्परिक सम्मान, उचित हिस्सेदारी और साझा जिम्मेदारी इस गठबंधन की बुनियाद है. पार्टी का कहना है कि तमिलगा वेत्री कड़गम के अध्यक्ष विजय ने औपचारिक तौर पर समर्थन के लिए अनुरोध किया था.

कांग्रेस द्वारा टीवीके को समर्थन दिए जाने को डीएमके ने “पीठ में छुरा घोंपने” जैसा बताया है. यह चुनाव कांग्रेस और डीएमके ने साथ मिलकर लड़ा था. डीएमके के प्रवक्ता सरवणन अन्नादुरई ने कहा, “मुझे लगता है कि उन्होंने पीठ में छुरा घोंपा है.” कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम ने इस बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि डीएमके प्रवक्ता को यह समझ नहीं है कि चुनाव के बाद बने गठबंधन किस तरह काम करते हैं.

विक्ट्री डे परेड से पहले रूस ने यूक्रेन पर किए हमले, 28 लोगों की मौत

यूक्रेन ने बुधवार, 6 मई को कहा कि रूस ने कीव की ओर से घोषित एकतरफा युद्धविराम का उल्लंघन किया है. यूक्रेन का दावा है कि रूस ने रात भर में 108 लड़ाकू ड्रोन और तीन मिसाइलों से यूक्रेनी शहरों पर हमला किया. इन हमलों में कम-से-कम 28 लोगों के मारे जाने की सूचना है और दर्जनों लोग घायल हो गए हैं. बीते हफ्तों में यूक्रेन के आम लोगों के लिए यह सबसे ज्यादा घातक दिन रहा है.

उधर, यूक्रेनी हमलों में रूस के कब्जे वाले क्रीमिया प्रायद्वीप में पांच लोगों की मौत हुई है और मध्य रूस पर लंबी दूरी के ड्रोन हमले में दो लोग मारे गए हैं.

रूस ने 9 मई को मॉस्को में होने वाली विक्ट्री परेड के मद्देनजर अल्पकालिक संघर्षविराम की घोषणा की थी. इसके बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने 6 मई की मध्यरात्रि से युद्धविराम की बात कही. लेकिन रूस ने कभी यह नहीं कहा कि वह यूक्रेन के युद्धविराम के आह्वान का पालन करेगा.

यूक्रेनी विदेश मंत्री आंद्रिय सिबिगा ने सोशल मीडिया पर लिखा, "यह दिखाता है कि रूस शांति को खारिज करता है और 9 मई को युद्धविराम के उसके फर्जी दावों का कूटनीति से कोई लेना-देना नहीं है. पुतिन को सिर्फ सैन्य परेडों की चिंता है, इंसानी जानों की नहीं." दोनों देश फरवरी 2022 से लगातार जंग लड़ रहे हैं और इस युद्ध में इतिहास में सबसे ज्यादा लड़ाकू ड्रोन इस्तेमाल हुए हैं.

अमेरिका ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर पेशावर में अपना कॉन्सुलेट बंद किया

अमेरिका ने पाकिस्तान के पेशावर में स्थित अपने कॉन्सुलेट को बंद करने की घोषणा की है. अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि राजनयिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है. बयान में कहा गया, "यह फैसला हमारे राजनयिकों की सुरक्षा और संसाधनों के कुशल प्रबंधन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है."

पेशावर पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी है. अमेरिका ने कहा है कि अब इस प्रांत के साथ राजनयिक संपर्कों का सारा जिम्मा इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास के ऊपर होगा. खैबर पख्तूनख्वा की सीमा अफगानिस्तान से लगती है और हाल ही में इस प्रांत ने कई हमले भी देखे हैं इसलिए यहां सुरक्षा एक चिंता का विषय है.

इससे पहले अमेरिका और इस्राएल के हमलों में ईरान के तत्कालीन सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह अली खमेनेई की मौत होने के बाद प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने कराची स्थित अमेरिकी कॉन्सुलेट की बाहरी दीवार को लांघ दिया था. इस दौरान अमेरिकी सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई में 10 पाकिस्तानी नागरिकों की मौत हो गई थी और कॉन्सुलेट की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हुए थे.

केंद्र सरकार ने गुजरात के लिए दो सेमीकंडक्टर प्रोजेक्टों को दी मंजूरी

भारत की केंद्र सरकार ने दो नए सेमीकंडक्टर प्रोजेक्टों को मंजूरी दे दी है. ये नए प्रोजेक्ट करीब 3,900 करोड़ रुपये की लागत से गुजरात राज्य में लगाए जाएंगे. एक प्रोजेक्ट के तहत मिनी/माइक्रो-एलईडी डिस्प्ले मॉड्यूल बनाए जाएंगे, जबकि दूसरे प्रोजेक्ट में विभिन्न क्षेत्रों में इस्तेमाल के लिए सेमीकंडक्टर बनाए जाएंगे.

भारत सरकार देश को ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स पावरहाउस के तौर पर स्थापित करना चाह रही है. इन दो नए प्रोजेक्ट के साथ देश में सेमीकंडक्टर केंद्रों की कुल संख्या 12 हो गई है. इन पर करीब 17.2 अरब डॉलर का निवेश किया गया है. भारत ने साल 2021 में घरेलू स्तर पर चिप उत्पादन करने पर जोर देना शुरू किया था.

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इन प्रोजेक्टों के जरिए भारत सरकार अपनी आपूर्ति श्रंखलाओं को मजबूत करना चाहती है और आयात पर अपनी निर्भरता कम करना चाहती है. न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, भारत का चिप मार्केट साल 2023 में 38 अरब डॉलर का था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 45 से 50 अरब डॉलर का हो गया है. भारत सरकार ने साल 2030 तक इसे 100 अरब डॉलर से ऊपर ले जाने का लक्ष्य रखा है.

हंटावायरस की चपेट में आए जहाज को अपने द्वीप पर जगह देगा स्पेन

हंटावायरस की चपेट में आए एमवी होंडियस जहाज पर सवार यात्रियों को स्पेन, कैनेरी आइलैंड्स के अपने केंद्रों में रखेगा. मंगलवार, 5 मई की देर शाम स्पेन के यह जानकारी दी है. हंटावायरस का पता चलने के बाद यह क्रूज जहाज दो दिनों से केप वेर्डे के तट के पास खड़ा है. इस वायरस से अब तक तीन यात्रियों की मौत हो चुकी है और कई अन्य यात्रियों के संक्रमित होने की आशंका है. अब इस जहाज को कैनेरी आइलैंड्स में लंगर डालने की अनुमति दी जाएगी.

स्पेन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, "वहां पहुंचने पर, चालक दल और यात्रियों की ठीक से जांच की जाएगी, उनकी देखभाल की जाएगी और उन्हें उनके संबंधित देशों में भेज दिया जाएगा." स्पेन ने कहा कि उसने यह फैसला "अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय सिद्धांतों के अनुसार" लिया है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, "विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया है कि केप वेर्डे इस मिशन को पूरा करने में असमर्थ है. कैनेरी द्वीप सभी जरूरी सुविधाओं वाली सबसे करीबी जगह है. स्पेन का इन लोगों की मदद करना एक नैतिक और कानूनी फर्ज है, जिनमें कई स्पेनिश नागरिक भी शामिल हैं."

अरब सागर में फंसे भारतीय जहाज की पाकिस्तानी नौसेना ने की मदद

पाकिस्तानी सेना ने मंगलवार, 5 मई को कहा कि उन्होंने अरब सागर में फंसे एक भारतीय जहाज की मदद की है. पाकिस्तानी सेना के मुताबिक, एमवी गौतम नाम के भारतीय जहाज में एक गंभीर तकनीकी दिक्कत आ गई थी, जिसके बाद जहाज ने डिस्ट्रेस कॉल भेजी, जिसके जवाब में पाकिस्तान ने कश्मीर नाम का एक जहाज भेजकर मदद उपलब्ध करवाई.

पाकिस्तानी सेना ने अपने बयान में कहा है कि भारतीय जहाज पर सात क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें छह भारतीय और एक इंडोनेशिया का नागरिक था. यह जहाज ओमान से भारत जा रहा था और तकनीकी दिक्कत के चलते अरब सागर में फंस गया था. पाकिस्तानी सेना का कहना है कि उनके जहाज ने भारतीय जहाज को खाना, मेडिकल सहायता और जहाज को स्थिर करने के लिए तकनीकी मदद प्रदान की और क्रू मेंबरों की सुरक्षा सुनिश्चित की.

होर्मुज से जहाजों को निकालने का अभियान फिलहाल रोकेगा अमेरिका

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि जब तक अमेरिका ईरान के साथ एक समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहा है, तब तक के लिए वे "प्रोजेक्ट फ्रीडम" को रोक रहे हैं. "प्रोजेक्ट फ्रीडम" होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे हुए जहाजों को सुरक्षा देने की अमेरिकी कोशिश है.

ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा, "प्रोजेक्ट फ्रीडम (होर्मुज के जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही) को कुछ वक्त के लिए रोक दिया जाएगा ताकि यह देखा जा सके कि समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है और उस पर दस्तखत किए जा सकते हैं या नहीं." हालांकि, ट्रंप ने कहा कि ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी जारी रहेगी.

इस बीच दक्षिण कोरियाई शिपिंग कंपनी एचएमएम ने बुधवार, 6 मई को कहा कि होर्मुज में हुए धमाके और आग लगने की वजह से फंसे अपने एक बल्क कैरियर जहाज को दुबई के बंदरगाह तक खींचने के लिए एक जहाज का इंतजाम कर लिया है. ट्रंप ने इस घटना के लिए ईरानी हमले को जिम्मेदार ठहराया, जबकि दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने कहा कि आग लगने के कारण की पुष्टि तभी होगी जब वह जहाज वापस बंदरगाह लाया जाएगा और उसकी पूरी जांच की जाएगी.