8th Pay Commission: भारत पेंशनर्स समाज ने मांगी ₹45,000 न्यूनतम पेंशन और हर 3 महीने में DA समीक्षा; 8वें वेतन आयोग के सामने रखीं बड़ी मांगें
लगभग 10 लाख पेंशनभोगियों का प्रतिनिधित्व करने वाले भारत पेंशनर्स समाज (BPS) ने 8वें वेतन आयोग के समक्ष न्यूनतम पेंशन ₹45,000 करने, न्यूनतम मूल वेतन ₹69,000 करने और हर तीन महीने में महंगाई भत्ते (DA/DR) की समीक्षा करने की मांग रखी है.
संगठन ने 7 अगस्त को आयोजित बैठक के दौरान मांग की है कि महंगाई दर के प्रभाव से राहत देने के लिए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) की समीक्षा वर्ष में दो बार के बजाय हर तीन महीने (तिमाही) में की जानी चाहिए. यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग ने अगस्त और सितंबर के बैठकों का शेड्यूल जारी किया; जानें आपके शहर में कब होगी बैठक
न्यूनतम पेंशन ₹45,000 और न्यूनतम वेतन ₹69,000 करने का प्रस्ताव
भारत पेंशनर्स समाज ने 8वें वेतन आयोग के समक्ष पेंशनधारकों के वित्तीय कल्याण और समानता को लेकर कई प्रमुख वित्तीय मांगें पेश की हैं:
| प्रस्ताव/घटक | BPS द्वारा मांगी गई दर/राशि |
| न्यूनतम मूल वेतन (Minimum Basic Pay) | ₹69,000 |
| न्यूनतम मूल पेंशन (Minimum Pension) | ₹45,000 |
| फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) | 3.83 |
| DA/DR समीक्षा अवधि | प्रत्येक 3 माह में |
| DR का बेसिक पेंशन में विलय | DR का स्तर 25% पार होते ही |
| फैमिली फॉर्मूला यूनिट | 5.2 वेटेड यूनिट |
| वेतन/पेंशन समीक्षा चक्र | 10 वर्ष के बजाय हर 5 वर्ष में |
DR का विलय और 5 वर्ष में वेतन समीक्षा की मांग
संगठन ने सुझाव दिया है कि जैसे ही महंगाई राहत (DR) का स्तर 25 प्रतिशत के पार पहुंचे, इसे मूल पेंशन में मर्ज (Merge) कर दिया जाना चाहिए. इसके साथ ही, पेंशनर्स समाज ने वेतन और पेंशन में संशोधन की 10 साल की पारंपरिक प्रक्रिया को बदलकर इसे प्रत्येक 5 वर्ष में लागू करने का आग्रह किया है.
इसके अतिरिक्त, संगठन ने 1 जनवरी 2026 से पहले और उसके बाद सेवानिवृत्त होने वाले समान पदों के पेंशनभोगियों के बीच पेंशन में पूर्ण समानता (Pension Parity) बनाए रखने की भी मांग की है.
निर्णय की प्रक्रिया और आगामी समय सीमा
ध्यान देने योग्य बात यह है कि ये सभी मांगें भारत पेंशनर्स समाज द्वारा 8वें वेतन आयोग को दिए गए केवल सुझाव व सिफारिशें हैं. सरकार की ओर से अभी इन पर कोई आधिकारिक अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है.
जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित 8वां वेतन आयोग विभिन्न हितधारकों के साथ बैठकों के दौर आयोजित कर रहा है. आयोग द्वारा अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिलने पर ही नई दरों और नियमों को लागू किया जाएगा.