Tech Layoffs: छंटनी ने मुझे अमीर बना दिया: मेटा के पूर्व कर्मचारी ने बताई अपनी कहानी; सोशल मीडिया पोस्ट हुई वायरल
आम तौर पर नौकरी जाना किसी भी पेशेवर के लिए एक बड़ा आर्थिक झटका माना जाता है, लेकिन दिग्गज टेक कंपनी मेटा के एक पूर्व कर्मचारी ने इससे बिल्कुल उलट अनुभव साझा कर इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है। प्रोफेशनल नेटवर्क 'ब्लाइंड' पर अनाम रूप से लिखे गए एक पोस्ट में पूर्व कर्मचारी ने दावा किया कि मेटा से छंटनी के बाद वह पहले से अधिक अमीर हो गया। नोटिस पीरियड समाप्त होने से पहले ही नई नौकरी हासिल कर लेने की वजह से उसने लगभग तीन महीने तक दोनों कंपनियों से एक साथ वेतन लिया.
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सैन फ्रांसिस्को / नई दिल्ली: टेक सेक्टर में बड़े पैमाने पर जारी छंटनी के बीच एक पूर्व मेटा (Meta) कर्मचारी का अनोखा अनुभव सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है. पेशेवर कम्युनिटी प्लेटफॉर्म ब्लाइंड (Blind) पर किए गए एक पोस्ट में टेक प्रोफेशनल ने दावा किया कि नौकरी से निकाला जाना उसके लिए आर्थिक रूप से वरदान साबित हुआ.
'गेटिंग लेड ऑफ फ्रॉम मेटा मेड मी रिच' (Getting laid off from Meta made me rich) शीर्षक से लिखे गए इस पोस्ट में कर्मचारी ने बताया कि टर्मिनेशन नोटिस पीरियड समाप्त होने से पहले ही उसने दूसरी नौकरी ढूंढ ली, जिससे उसे एक ही समय में दोनों कंपनियों से पेचेक हासिल करने का अवसर मिल गया. यह भी पढ़ें: Tech Layoffs: AI की ओर बढ़ते कदमों के बीच Oracle भारत में 3,000 कर्मचारियों की कर सकती है छंटनी; Microsoft ने 500 कर्मियों को PIP पर डाला
तीन महीने तक एक साथ ली दो कंपनियों से सैलरी
मीडिया रिपोर्ट्स और Hindustan Times के अनुसार, पूर्व कर्मचारी ने अपने रोजगार के समय-सीमा (Employment Timeline) को बेहद चालाकी से ओवरलैप किया:
- टर्मिनेशन पीरियड में नई नौकरी: मेटा द्वारा आधिकारिक टर्मिनेशन अवधि समाप्त होने से करीब दो महीने पहले ही उसे एक नई कंपनी से जॉब ऑफर मिल गया और उसने वहां जॉइन कर लिया.
- दोहरा वेतन: इस ओवरलैपिंग की वजह से कर्मचारी ने लगभग तीन महीने तक मेटा का वेतन और नई कंपनी का वेतन एक साथ प्राप्त किया.
- अगस्त स्टॉक वेस्ट और निवेश: इसके अलावा, नोटिस पीरियड के दौरान उसे मेटा का पूर्व-निर्धारित 'अगस्त स्टॉक वेस्ट' (इक्विटी शेयर) भी मिला। इस अतिरिक्त आमदनी से उसने लगभग 30,000 अमेरिकी डॉलर (करीब ₹25 लाख) का अतिरिक्त निवेश किया.
- कर्मचारी ने लिखा, "अब मेरे खातों में उससे कहीं अधिक पैसा है, जितना मेरे पास तब होता अगर मुझे नौकरी से न निकाला गया होता. क्या यह विडंबना नहीं है कि यदि आप सही तरीके से योजना बनाएं तो बिग टेक कंपनियों से निकाला जाना भी फायदे का सौदा बन सकता है?"
मेटा के पूर्व कर्मचारी की वायरल पोस्ट: छंटनी के बाद खुद को ज़्यादा अमीर बताया

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस: 'सर्वाइवरशिप बायस' या बेहतर वित्तीय प्रबंधन?
इस पोस्ट के वायरल होते ही तकनीकी उद्योग के पेशेवरों और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं:
- भाग्य और कौशल की सराहना: कुछ यूजर्स ने इसे बेहतरीन वित्तीय समझ और त्वरित करियर बदलाव बताया, जहां कर्मचारी ने बड़ी कंपनियों के सेवरेंस पैकेज (Severance Policy) का अधिकतम लाभ उठाया.
- सर्वाइवरशिप बायस (Survivorship Bias) की आलोचना: अधिकांश टिप्पणीकारों ने इस पर असहमति जताते हुए कहा कि यह केवल एक दुर्लभ अपवाद है. एक यूजर ने लिखा, "यह असामान्य और बेहद कठिन जॉब मार्केट है. शीर्ष 20 प्रतिशत लोग अच्छा कर पा रहे हैं, जबकि बाकी 80 प्रतिशत गलाकाट प्रतिस्पर्धा और बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं."
- नैतिकता और नियमों पर सवाल: कुछ लोगों ने एक ही समय में दो नियोक्ताओं से वेतन लेने (डुअल एम्प्लॉयमेंट) की वैधानिकता और बिग टेक कंपनियों के गैर-प्रतिस्पर्धा अनुबंधों को लेकर भी सवाल खड़े किए.
टेक उद्योग में छंटनी और जॉब मार्केट की जमीनी हकीकत
यह मामला उस समय सामने आया है जब मेटा, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन जैसी प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और लागत कटौती के चलते हजारों कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा रही हैं.
विशेषज्ञों का कहना है कि जहां उच्च मांग वाले कुछ अनुभवी सॉफ्टवेयर इंजीनियर तुरंत दूसरा रोजगार पाने में सफल हो जाते हैं, वहीं विस्थापित अधिकांश टेक कर्मियों को महीनों तक बेरोजगारी, वित्तीय तनाव और पैकेज कटौती का सामना करना पड़ रहा है. आलोचकों के अनुसार, इस तरह के इक्का-दुक्का मामलों को टेक सेक्टर की समग्र छंटनी की वास्तविक स्थिति का पैमाना नहीं माना जा सकता.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 09, 2026 05:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

