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Mumbai BEST Bus Strike: मुंबई में 15 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं BEST बस कर्मचारी, जानें सरकार से क्या हैं उनकी मांगें

कर्मचारियों की मुख्य मांगों में बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के 'C' बजट को 'A' बजट के साथ मिलाना शामिल है. इसके अलावा, 2016-2021 के लंबित वेतन समझौते को लागू करने, सातवें वेतन आयोग के लाभ देने और बीएमसी कर्मचारियों के समान वेतन व सुविधाएं प्रदान करने की मांग की जा रही है.

Mumbai BEST Bus Strike: मुंबई में 15 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं BEST बस कर्मचारी, जानें सरकार से क्या हैं उनकी मांगें

Mumbai BEST Bus Strike: राजधानी मुंबई की लाइफलाइन मानी जाने वाली बेस्ट (BEST) बसों के हजारों स्थायी और वेट-लीज (अनुबंधित) कर्मचारियों ने राज्य सरकार को बड़ी चेतावनी दी है. कर्मचारियों का कहना है कि यदि 15 अगस्त तक उनकी लंबे समय से लंबित वेतन और सेवा शर्तों से जुड़ी मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे.

इस संबंध में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को अलग-अलग पत्र भेजे गए हैं. कर्मचारी यूनियनों ने 21 जून को हुए वेतन समझौते की समीक्षा करने की मांग की है. कर्मचारियों का आरोप है कि वह समझौता उनकी सहमति और मूलभूत मांगों को नजरअंदाज करके तैयार किया गया था.  यह भी पढ़े: Mumbai BEST Bus Strike: मुंबई में थमे बेस्ट बसों के पहिए, धारावी डिपो बना आंदोलन का मुख्य केंद्र; इन इलाकों के यात्री सबसे ज्यादा परेशान

21 जून के समझौते को बताया 'विश्वासघात'

कर्मचारी प्रतिनिधियों और यूनियन नेता शशांक राव के अनुसार, 21 जून को हुआ समझौता श्रमिकों के विश्वास के साथ एक तरह का धोखा था. कर्मचारियों का दावा है कि बेस्ट के लगभग 65 प्रतिशत कार्यबल ने इस समझौते पर पुनर्विचार करने की मांग का समर्थन किया है.

कर्मचारियों की मुख्य मांगों में बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के 'C' बजट को 'A' बजट के साथ मिलाना शामिल है. इसके अलावा, 2016-2021 के लंबित वेतन समझौते को लागू करने, सातवें वेतन आयोग के लाभ देने और बीएमसी कर्मचारियों के समान वेतन व सुविधाएं प्रदान करने की मांग की जा रही है.

वेट-लीज कर्मचारियों की 'समान काम, समान वेतन' की मांग

प्राइवेट ठेकेदारों के तहत चलने वाली वेट-लीज बसों के चालकों और कर्मचारियों ने भी अपनी समस्याएं उठाई हैं. उनकी प्रमुख मांग 'समान काम, समान वेतन' के सिद्धांत को लागू करना है.

कर्मचारियों का तर्क है कि वे बेस्ट के स्थायी कर्मचारियों की तरह ही जिम्मेदारियां निभाते हैं, लेकिन उन्हें काफी कम वेतन और सुविधाएं दी जाती हैं. प्रशासन, निजी ऑपरेटरों और बेस्ट वर्कर्स यूनियन के बीच एक दौर की वार्ता हो चुकी है, जबकि अगली बैठक का आश्वासन दिया गया है.

मुंबई की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर मंडराया संकट

यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब मुंबई की परिवहन व्यवस्था पहले से ही दबाव में है. यदि 15 अगस्त तक वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंचती है और हड़ताल होती है, तो पूरे शहर में बस सेवाएं ठप हो सकती हैं.

इससे प्रतिदिन यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. राज्य सरकार पर अब 15 अगस्त की समयसीमा से पहले बातचीत के जरिए इस विवाद को सुलझाने का भारी दबाव है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 21, 2026 09:51 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).