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Mumbai Lakes Update: महाराष्ट्र में बारिश की बेरुखी के बीच घटने लगा मुंबई की झीलों का जलस्तर, जानें ताजा स्थिति

महाराष्ट्र में मानसून की सुस्ती और बारिश के रुख में आई कमी के कारण मुंबई को पेयजल आपूर्ति करने वाली झीलों का जलस्तर घटने लगा है. वर्तमान में सातों झीलों में कुल उपयोगी जल भंडारण 96.89 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जो मानसून के ढलान के साथ धीरे-धीरे कम हो रहा है.

Mumbai Lakes Update: महाराष्ट्र में बारिश की बेरुखी के बीच घटने लगा मुंबई की झीलों का जलस्तर, जानें ताजा स्थिति
Mumbai Water Lake

 Mumbai Lakes Update:  महाराष्ट्र में मानसून के कमजोर पड़ने और बारिश की गति थमने के चलते मुंबई को पीने का पानी सप्लाई करने वाली झीलों के जलस्तर में गिरावट दर्ज की जाने लगी है. बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के आंकड़ों के अनुसार, शहर की सात प्रमुख झीलों का कुल जल भंडारण घटकर 96.89 प्रतिशत रह गया है. सितंबर के अंतिम सप्ताह में बारिश न होने और दैनिक जल आपूर्ति की निरंतर खपत के कारण जलाशयों के जलस्तर में यह प्राकृतिक कमी देखी जा रही है.

सातों जलाशयों में जल भंडारण की ताजा स्थिति

मुंबई को प्रतिदिन लगभग 3,950 मिलियन लीटर (ML) पानी की आपूर्ति की जाती है. शहर की पानी की आवश्यकता मुख्य रूप से सात झीलों—भातसा, अपर वैतरणा, मिडिल वैतरणा, मोदक सागर, तानसा, विहार और तुलसी- से पूरी होती है.   यह भी पढ़े:   Mumbai Lakes Water Stock: मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली झीलों में 97% से अधिक जल भंडारण हुआ जमा, BMC ने साझा की 27 सितंबर की स्थिति

BMC पोस्ट

प्रमुख झीलें: भातसा और मिडिल वैतरणा जैसे बड़े जलाशयों में जलस्तर 96 से 98 प्रतिशत के बीच बना हुआ है.

  • छोटी झीलें: मुंबई के भीतर स्थित विहार और तुलसी झीलें पूरी क्षमता के करीब हैं.

  • दैनिक खपत: बारिश रुकने के बाद से झीलों में नया पानी आना बंद हो गया है, जिससे दैनिक उपयोग के कारण कुल प्रतिशत में गिरावट आ रही है.

वर्षभर की जलापूर्ति के लिए 100% भंडारण आवश्यक

बीएमसी के नियमों के अनुसार, हर साल 1 अक्टूबर तक झीलों में 100 प्रतिशत यानी 14.47 लाख मिलियन लीटर जल स्टॉक होना अनिवार्य माना जाता है. यदि 1 अक्टूबर तक जलाशय पूरी तरह भर जाते हैं, तो मुंबई शहर को अगले वर्ष के मानसून (जून) के आगमन तक बिना किसी कटौती के निर्बाध पानी की आपूर्ति की जा सकती है. जलस्तर घटकर 96.89 प्रतिशत पर आने से बीएमसी के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग की नजरें अब मानसून की वापसी से पहले होने वाली अंतिम बौछारों पर टिकी हैं.

बीएमसी की अपील और आगामी कदम

यद्यपि वर्तमान जल भंडारण काफी संतोषजनक स्थिति में है और लगभग पूरे वर्ष के लिए पर्याप्त है, फिर भी बीएमसी प्रशासन स्थिति की लगातार समीक्षा कर रहा है. यदि आने वाले दिनों में वापसी के मानसून की बारिश नहीं होती है, तो जल प्रबंधन को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. नगर निगम ने नागरिकों से पानी का अपव्यय रोकने और जिम्मेदारी से उपयोग करने की अपील की है.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 28, 2026 09:39 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).