Bengaluru Shocker: कैब में सोता रह गया 4 साल का मासूम, हाई-टेक तकनीक की मदद से 60 मिनट के भीतर हुआ रेस्क्यू
बेंगलुरु में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहां एक परिवार अपने 4 साल के बच्चे को कैब में सोता हुआ भूल गया. बेंगलुरु पुलिस ने तकनीक और त्वरित कार्रवाई के जरिए महज एक घंटे के भीतर बच्चे को सुरक्षित बचा लिया.
बेंगुलुरु: कर्नाटक (Karnataka) की राजधानी बेंगलुरु (Bengaluru) में पुलिस की तत्परता और आधुनिक तकनीक के समन्वय ने एक बड़े हादसे को टाल दिया. शुक्रवार रात, 14 फरवरी 2026 को एक 4 वर्षीय बच्चा गलती से कैब (Cab) की पिछली सीट पर सोता रह गया और परिवार उसे वहीं भूलकर घर चला गया. बेंगलुरु पुलिस (Bengaluru Police) ने 'नम्मा-112' (Namma-112) आपातकालीन सेवा और डिजिटल ट्रैकिंग (Digital Tracking) का उपयोग करते हुए महज 60 मिनट के भीतर मासूम को सुरक्षित ढूंढ निकाला और परिजनों को सौंपा. यह भी पढ़ें: Dwarka Hit-And-Run: 'रील के चक्कर में मेरे बेटे को मार डाला', इंसाफ के लिए बिलख पड़ी साहिल की मां; आरोपी नाबालिग को मिली बेल
इस्कॉन मंदिर से लौट रहा था परिवार
घटना के अनुसार, बच्चा अपनी मां और पांच रिश्तेदारों के साथ इस्कॉन (ISKCON) मंदिर गया था। वहां से लौटते समय पोनप्पा लेआउट स्थित अपने अपार्टमेंट के पास पहुंचते-पहुंचते बच्चा गहरी नींद में सो गया। रात करीब 8:26 बजे जब परिवार कैब से उतरा, तो जल्दबाजी में किसी का ध्यान बच्चे पर नहीं गया। कैब ड्राइवर भी इस बात से अनजान था कि पीछे एक बच्चा सो रहा है और वह अपनी अगली बुकिंग के लिए रवाना हो गया।
अपार्टमेंट के सीसीटीवी और मोबाइल ऐप का कमाल
परिजनों को जब घर पहुंचने के कुछ मिनट बाद बच्चे के गायब होने का एहसास हुआ, तो कोहराम मच गया। मां ने तुरंत 'नम्मा-112' पर कॉल किया. हेन्नूर पुलिस स्टेशन की होयसला टीम (Hoysala-51) महज दो मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गई.
- पहचान: एएसआई मंजप्पा कोप्पल और हेड कांस्टेबल सतीश कुमार ने तुरंत अपार्टमेंट के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और कैब का रजिस्ट्रेशन नंबर निकाला.
- तकनीक: पुलिस ने MCCTNS ऐप (मोबाइल क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम) का उपयोग किया, जिससे तुरंत वाहन मालिक और ड्राइवर 'किरण' का संपर्क नंबर मिल गया.
दो सवारियां बिठाने के बाद भी सोता रहा मासूम
जब पुलिस ने ड्राइवर किरण से संपर्क किया, तो वह दंग रह गया. इस बीच वह शहर में दो और सवारियां ले चुका था, लेकिन किसी का ध्यान पीछे नीचे की तरफ सो रहे बच्चे पर नहीं गया था. पुलिस ने ड्राइवर को निर्देश दिया कि वह बच्चे को न जगाए और तुरंत वापस आए. पुलिस ने रियल-टाइम में कैब की लोकेशन ट्रैक की और उसे अपार्टमेंट तक सुरक्षित वापस बुलवाया.
'सेफ सिटी प्रोजेक्ट' की बड़ी सफलता
बेंगलुरु सिटी पुलिस कमिश्नर श्रीमंत कुमार सिंह ने अधिकारियों की कार्यकुशलता की सराहना करते हुए कहा कि यह ऑपरेशन 'सेफ सिटी प्रोजेक्ट' की सफलता का प्रमाण है. डिजिटल टूल्स और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र के एकीकरण के कारण ही शहरी आपात स्थितियों में रिस्पांस टाइम को इतना कम किया जा सका है.