Beed and Parbhani Violence: बीड और परभणी हिंसा को लेकर गंभीर नहीं महाराष्ट्र सरकार; सुप्रिया सुले

एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने बीड और परभणी हिंसा समेत राज्य के तमाम मुद्दों को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर हमला बोला. उन्होंने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि सरकार इसे लेकर गंभीर नहीं है.

Supriya Sule (img: tw)

मुंबई, 29 जनवरी : एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने बीड और परभणी हिंसा समेत राज्य के तमाम मुद्दों को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर हमला बोला. उन्होंने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि सरकार इसे लेकर गंभीर नहीं है. सुले ने प्रयागराज में हुई भगदड़ पर भी दुख जताया.

सुप्रिया सुले ने बीड सरपंच हत्या पर कहा, "50 दिन से ज्यादा का समय हो गया है. संतोष देशमुख हत्याकांड में वांछित आरोपी अभी भी फरार है. जिन्होंने मर्डर किया है, वे मिल नहीं रहे हैं. सरकार बीड और परभणी हिंसा को लेकर गंभीर नहीं है." यह भी पढ़ें : Meerut Shocker: यूपी के मेरठ में 200 रुपये के लिए युवक की हत्या, सदमे में आकर 70 वर्षीय बुजुर्ग पिता ने भी तोड़ा दम

उन्होंने राजकोषीय घाटा को लेकर आई रिपोर्ट पर कहा, "जिन मुद्दों को लेकर मैं पिछले 2 सालों से बात कर रही थी, आज नीति आयोग ने उसकी पुष्टि कर दी है. महाराष्ट्र लगातार इजी ऑफ डूइंग बिजनेस में नीचे जा रहा है. कर्ज बढ़ रहा है, ऐसा क्यों हो रहा है, सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए."

वहीं, सिद्धिविनायक मंदिर में ड्रेस कोड लागू किए जाने के सवाल पर कहा, "हमारा देश बहुत संस्कारी लोगों का है. हम सभी लोग आदर के साथ मंदिर जाते हैं, लेकिन मैं मंदिर प्रशासन के फैसले से आश्चर्यचकित हूं." सुले ने प्रयागराज में हुई भगदड़ पर दुख जताते हुए कहा, "आज की घटना चिंताजनक है. भाजपा की नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री निरंजन ज्योति ने भी इस बात की पुष्टि की है कि महाकुंभ मेले की सेना को जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए. यह बहुत ही चिंताजनक स्थिति है."

सुले ने प्रयागराज की घटना को लेकर एक्स पर एक पोस्ट किया था. उन्होंने लिखा, "प्रयागराज में भगदड़ के कारण लोगों की मृत्यु से बहुत दुखी हूं. उन परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करती हूं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं."

बता दें कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान बुधवार को मौनी अमावस्या स्नान से पहले ही भगदड़ मच गई थी. गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों के पवित्र संगम से लगभग एक किलोमीटर दूर अफरा-तफरी मची थी. भीड़ की संख्या अधिक होने के कारण बैरिकेड्स टूट गए और अचानक भगदड़ मच गई. राज्य सरकार के मुताबिक इस हादसे में कई लोग घायल हो गए.

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