Assembly Elections 2026: वोटिंग से 48 घंटे पहले ओपिनियन पोल पर रोक, चुनाव आयोग ने जारी किए सख्त निर्देश

आयोग के मुताबिक, यह साइलेंस पीरियड 7 अप्रैल की शाम 6 बजे से लागू होगा. हालांकि, असम में यह अवधि 7 अप्रैल को शाम 5 बजे से शुरू होकर 9 अप्रैल को शाम 5 बजे मतदान समाप्त होने तक जारी रहेगी. इस दौरान टीवी, रेडियो और केबल नेटवर्क पर किसी भी तरह का ओपिनियन पोल या चुनाव से जुड़ी सामग्री दिखाने की अनुमति नहीं होगी.

Assembly Elections 2026: भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव और उपचुनाव से पहले उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों को अहम निर्देश जारी किए हैं. आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान से 48 घंटे पहले ‘साइलेंस पीरियड’ लागू रहेगा, जिसके दौरान ओपिनियन पोल के प्रसारण और किसी भी तरह के चुनावी प्रचार पर रोक रहेगी. Assembly Elections 2026 Date: असम, पश्चिम बंगाल समेत चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव की तारीखों का ऐलान, जानें कब आएंगे नतीजे

आयोग के मुताबिक, यह साइलेंस पीरियड 7 अप्रैल की शाम 6 बजे से लागू होगा. हालांकि, असम में यह अवधि 7 अप्रैल को शाम 5 बजे से शुरू होकर 9 अप्रैल को शाम 5 बजे मतदान समाप्त होने तक जारी रहेगी. इस दौरान टीवी, रेडियो और केबल नेटवर्क पर किसी भी तरह का ओपिनियन पोल या चुनाव से जुड़ी सामग्री दिखाने की अनुमति नहीं होगी.

निर्वाचन आयोग ने यह भी साफ किया है कि एग्जिट पोल के नतीजे भी मतदान खत्म होने से पहले जारी नहीं किए जा सकते. 9 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान समाप्त होने के बाद ही इन्हें सार्वजनिक किया जा सकेगा.

आयोग ने चेतावनी दी है कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126(1)(b) के तहत साइलेंस पीरियड के दौरान किसी भी प्रकार की चुनावी सामग्री का प्रसारण या प्रदर्शन प्रतिबंधित है. इसके उल्लंघन पर धारा 126A के तहत दो साल तक की सजा, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.

निर्वाचन आयोग ने मीडिया संस्थानों को निर्देश दिया है कि इस अवधि के दौरान प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों में ऐसा कोई कंटेंट न हो, जो किसी पार्टी या उम्मीदवार के पक्ष या विपक्ष में माहौल बना सके या चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सके.

केरल और पुडुचेरी में भी साइलेंस पीरियड 7 अप्रैल शाम 6 बजे से शुरू होकर 9 अप्रैल शाम 6 बजे तक रहेगा. वहीं, गोवा, कर्नाटक, नगालैंड और त्रिपुरा में होने वाले उपचुनाव के लिए भी यही नियम लागू होंगे.

आयोग ने आगे बताया कि तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल (पहला चरण) और गुजरात व महाराष्ट्र के उपचुनाव के लिए 21 अप्रैल की शाम से साइलेंस पीरियड लागू होगा. पश्चिम बंगाल के दूसरे चरण के लिए यह अवधि 27 अप्रैल शाम 6 बजे से शुरू होकर 29 अप्रैल शाम 6 बजे तक रहेगी.

बता दें कि 15 मार्च को चुनाव आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों के साथ-साथ छह राज्यों की आठ सीटों पर उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया था. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा है कि सभी चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराए जाएंगे, और नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे.

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