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Assam Floods: असम में भारी बारिश से बाढ़ का कहर, मृतकों की संख्या बढ़कर 68 हुई, 5.24 लाख से अधिक लोग अब भी प्रभावित

एएसडीएमए की रिपोर्ट के अनुसार, असम का शिवसागर जिला इस बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जहां करीब 2.9 लाख से अधिक आबादी जलभराव की समस्या का सामना कर रही है. इसके बाद चराईदेव जिले में लगभग 1.9 लाख और जोरहाट में 1.3 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं.

Assam Floods: असम में भारी बारिश से बाढ़ का कहर, मृतकों की संख्या बढ़कर 68 हुई, 5.24 लाख से अधिक लोग अब भी प्रभावित
बाढ़ (Photo/ANI)

Assam Floods:  असम में मानसूनी बारिश और नदियों के उफान के कारण आई विनाशकारी बाढ़ की स्थिति में पिछले 24 घंटों के दौरान मामूली सुधार दर्ज किया गया है. हालांकि, राज्य के पांच प्रमुख जिलों में अब भी 5.24 लाख से अधिक लोग बाढ़ के प्रकोप से जूझ रहे हैं. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में दो और लोगों के डूबने से इस साल राज्य में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 68 हो गई है.

पूर्वोत्तर राज्य में बीते सप्ताह नागालैंड और असम के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया था. हालांकि कई क्षेत्रों से पानी अब धीरे-धीरे घटने लगा है, लेकिन शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट, गोलाघाट और नौगांव जिलों में हालात अभी भी संवेदनशील बने हुए हैं.

कौन से जिले सबसे ज्यादा प्रभावित?

एएसडीएमए की रिपोर्ट के अनुसार, असम का शिवसागर जिला इस बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जहां करीब 2.9 लाख से अधिक आबादी जलभराव की समस्या का सामना कर रही है. इसके बाद चराईदेव जिले में लगभग 1.9 लाख और जोरहाट में 1.3 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं.

इसके अलावा गोलाघाट और नौगांव जिलों में भी हजारों एकड़ कृषि भूमि और सैकड़ों गांव पानी में डूबे हुए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, दर्जनों राजस्व सर्किलों के अंतर्गत आने वाले सैकड़ों गांव पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं और हजारों हेक्टेयर फसल को भारी नुकसान पहुंचा है.

राहत और बचाव कार्य तेज, सेना और NDRF तैनात

बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), भारतीय सेना, वायुसेना और स्थानीय प्रशासन की टीमें दिन-रात काम कर रही हैं.

प्रशासन की ओर से प्रभावित जिलों में सैकड़ों राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं. इन शिविरों में एक लाख से अधिक विस्थापित लोगों ने शरण ली है, जहां उन्हें भोजन, पीने का पानी और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.

मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार की नजर

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने हाल ही में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया था. उन्होंने स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि नागालैंड और असम के सीमावर्ती इलाकों में हुई अप्रत्याशित वर्षा के कारण अचानक जलस्तर बढ़ गया था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी राज्य सरकार से बात कर स्थिति की समीक्षा की है और केंद्र की ओर से हर संभव सहायता, राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है. प्रशासन का कहना है कि जब तक नदियां पूरी तरह से सामान्य स्तर पर नहीं आतीं, तब तक राहत अभियान जारी रहेगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 27, 2026 10:39 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).