Ahmedabad Police Inspector Vanraj Manjariya Dies: अहमदाबाद के कंट्रोल रूम में तैनात इंस्पेक्टर वनराज मंजारिया की अपने पालतू जर्मन शेफर्ड के नाखून से लगी खरोंच के कारण रेबीज से मौत हो गई. हालांकि कुत्ता नियमित रूप से टीकाकृत था, लेकिन यह घटना पालतू जानवरों की सुरक्षा और रेबीज रोकथाम के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है. ताकि भविष्य में इस तरह से किसी की जान जानें से बच सकें.
पांच दिन पहले लगी खरोंच
गुजरात समाचार के अनुसार, इंस्पेक्टर मंजारिया को लगभग पांच दिन पहले उनके कुत्ते के नाखून से खरोंच लगी थी। इसे मामूली समझकर उन्होंने तुरंत चिकित्सीय सहायता नहीं ली। लेकिन इस खरोंच के कारण रेबीज संक्रमण शुरू हो गया. यह भी पढ़े: Ghaziabad: ड्यूटी से लौटते वक्त SI ऋचा सचान की सड़क हादसे में मौत, आवारा कुत्ते को बचाने की कोशिश में हुआ हादसा
रेबीज से अहमदाबाद के पुलिस इंस्पेक्टर वनराज मंजारिया की मौत
अहमदाबाद में पुलिस इंस्पेक्टर बानराज मंझरिया का दुखद निधन हुआ
वजह हम सबके लिए बहुत चेतावनी है
5 दिन पहले उनके पालतू जर्मन शेफर्ड कुत्ते का नाखून उन्हें लग गया जबकि उनके कुत्ते जर्मन शेफ़र्ड का रेगुलर रेबीज वैक्सीनेशन होता था
यही सोचकर और यह सोचकर कि कुत्ते ने काटा नहीं है… pic.twitter.com/LBAbIvdJc7
— 🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳 (@jpsin1) September 22, 2025
केडी अस्पताल में इलाज
इंस्पेक्टर मंजारिया को अहमदाबाद के केडी अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां कई दिनों तक उनका इलाज चलने के बाद भी उनकी हालत गंभीर बनी रही. अस्पताल सूत्रों के अनुसार, संक्रमण पूरे शरीर में फैल चुका था, जिससे उनकी जान चली गई.
रेबीज के खतरों के प्रति चेतावनी
रेबीज केंद्रीय तंत्रिका तंत्र पर हमला करता है, जिससे असामान्य व्यवहार और तंत्रिका तंत्र की गंभीर गिरावट होती है. गंभीर मामलों में मरीजों को आत्म-नुकसान से बचाने के लिए शारीरिक रूप से बांधना पड़ता है. अधिकारियों ने बताया कि मंजारिया को अंतिम दिनों में अस्पताल के बिस्तर पर बांधना पड़ा था क्योंकि वायरस ने उनके मस्तिष्क को प्रभावित कर दिया था.
स्वास्थ्य अधिकारियों की अपील
यह घटना शहर की पुलिस और उनके परिवार के लिए एक बड़ी त्रासदी साबित हुई है. स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पालतू जानवरों का नियमित टीकाकरण जरूरी है, लेकिन यह संक्रमण का खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं करता. उन्होंने जनता से आग्रह किया है कि किसी भी खरोंच या काटने की घटना हो, चाहे वह टीकाकृत जानवर से ही क्यों न हो, तत्काल चिकित्सा सलाह लें.













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