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Agra Murder Case: पति की हत्या में पत्नी, प्रेमी और उसके दोस्त को उम्रकैद, बच्चों की गवाही ने खोल दी मां की सच्चाई

यूपी के आगरा से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके दोस्त के साथ मिलकर अपने ही पति की बेरहमी से हत्या कर दी.

Agra Murder Case: पति की हत्या में पत्नी, प्रेमी और उसके दोस्त को उम्रकैद, बच्चों की गवाही ने खोल दी मां की सच्चाई
(Photo Credits : X)

Agra Murder Case: यूपी के आगरा से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके दोस्त के साथ मिलकर अपने ही पति की बेरहमी से हत्या कर दी. अदालत ने अब तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. इस केस में सबसे अहम सबूत बने उस महिला के अपने ही बच्चे. कोर्ट में दिए उनके बयानों ने सच सामने ला दिया. महिला के 15 साल के बेटे ने मजिस्ट्रेट के सामने बताया कि उसकी मां का एक व्यक्ति सुनील कुमार के साथ दो साल से अफेयर चल रहा था. जब भी वह घर आता, मां उन्हें मारती-डांटती थी. 

बेटे ने बताया कि उसने कई बार अपने पिता को इसकी जानकारी दी थी. उसके छोटे भाई-बहनों ने भी यही बयान दिया जिससे पुलिस को शक की दिशा मिली.

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लव अफेयर बना खून की वजह

पुलिस के मुताबिक, घटना 14 फरवरी 2019 की है जब रामवीर सिंह अचानक घर से लापता हो गया. जब काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला तो परिवार ने रिपोर्ट दर्ज कराई. दो दिन बाद उसका शव एक गांव के कुएं से बरामद हुआ. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके शरीर पर 12 चोटों के निशान मिले और मौत का कारण सिर पर लगी गंभीर चोट बताई गई.

पुलिस ने किया खुलासा

जांच में खुलासा हुआ कि पत्नी कुसुमा देवी ने अपने प्रेमी सुनील कुमार और उसके साथी धर्मवीर सिंह के साथ मिलकर रामवीर की हत्या की थी. हत्या के लिए लकड़ी का मोटा डंडा इस्तेमाल किया गया था जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया. इसके अलावा सबूत मिटाने के लिए रामवीर का फोन जला दिया गया था. तीनों आरोपियों को कुछ ही दिनों में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया.

अदालत का फैसला

मामले की सुनवाई के दौरान तीनों ने खुद को निर्दोष बताने की कोशिश की और झूठी कहानियां बनाईं. लेकिन बच्चों की गवाही, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस के सबूतों ने उन्हें बचने नहीं दिया. अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय लाल ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए तीनों को आजीवन कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई.

इस फैसले ने एक बार फिर साबित किया कि कानून से कोई नहीं बच सकता, चाहे अपराध घर की चारदीवारी में ही क्यों न हुआ हो.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 09, 2025 10:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).