Ladki Bahin Yojana Update: महाराष्ट्र में लाडकी बहनों के लिए खुशखबरी, जल्द कराएं e-KYC में सुधार, जनवरी-फरवरी की किस्त इस महीने एक साथ आने की उम्मीद

महाराष्ट्र की करोड़ों महिलाओं के लिए राहत भरी खबर है. मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना की जनवरी और फरवरी 2026 की किस्तें एक साथ आने की संभावना है. साथ ही सरकार ने e-KYC सुधार की समय सीमा 31 मार्च तक बढ़ा दी है.

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 Ladki Bahin Yojana Update: महाराष्ट्र सरकार की 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना' के लाभार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है. ताजा जानकारी के अनुसार, राज्य की करोड़ों पात्र महिलाओं को जनवरी और फरवरी 2026 की लंबित आर्थिक सहायता जल्द ही एक साथ मिल सकती है. तकनीकी ऑडिट और हालिया चुनाव चक्र के कारण हुई देरी के बाद, अब लाभार्थियों के बैंक खातों में 3,000 रुपये की संयुक्त किस्त जमा किए जाने की उम्मीद है.

 संयुक्त किस्त की संभावना

योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की सहायता दी जाती है. हालांकि, पिछले दो महीनों से प्रशासनिक सत्यापन और 'एंटी-फ्रॉड ऑडिट' के चलते वितरण में देरी हुई है. सूत्रों के अनुसार, फरवरी के अंतिम सप्ताह तक सरकार दोनों महीनों का पैसा एक साथ डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेज सकती है. इसका लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जिनका बैंक खाता आधार से लिंक है और जिनका आवेदन 'Approved' स्टेटस पर है. यह भी पढ़े:  Ladki Bahin Yojana Update: लाडकी बहनों के लिए e-KYC सुधार का आखिरी मौका, 31 मार्च तक प्रक्रिया करें पूरी, नहीं तो लिस्ट से हो सकती हैं बाहर

e-KYC सुधार के लिए बढ़ी समय सीमा

राज्य सरकार ने उन महिलाओं को एक अंतिम अवसर दिया है जिनके भुगतान तकनीकी गलतियों या e-KYC अधूरा होने के कारण रुक गए थे. महिला एवं बाल विकास विभाग ने e-KYC सुधार की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 मार्च 2026 कर दी है.

मंत्री अदिति तटकरे के अनुसार, कई लाभार्थियों ने फॉर्म भरते समय गलत विकल्प (जैसे सरकारी कर्मचारी होना) चुन लिए थे. ऐसी महिलाएं अब आधिकारिक पोर्टल या नारी शक्ति दूत ऐप के माध्यम से अपनी जानकारी दुरुस्त कर सकती हैं.

ऑडिट के बाद लाभार्थी सूची में बदलाव

हाल ही में हुए राज्यव्यापी ऑडिट के बाद लाभार्थी सूची में बड़ी कटौती देखी गई है. पहले आवेदकों की संख्या 2.43 करोड़ थी, जो अब घटकर लगभग 1.57 करोड़ रह गई है. आयकर दाताओं और अपात्र आवेदकों को हटाने के बाद, सरकार का लक्ष्य अब केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की वास्तविक लाभार्थियों तक लाभ पहुँचाना है.

लाभार्थी क्या करें?

यह योजना महाराष्ट्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके पोषण स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से चलाई जा रही है. लंबित किस्तों के आने से राज्य के लाखों परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

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