अबू सलेम की याचिका खारिज बॉम्बे हाई कोर्ट ने की खारिज, शादी के लिए मांगी थी पैरोल
फिलहाल रायगढ़ के तालोजा जेल में बंद सलेम ने कोंकाण जिला आयुक्त (केडीसी) द्वारा मार्च में सुरक्षा आधार पर पैरोल का आवेदन खारिज किए जाने के बाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था. केडीसी इस मामले में सक्षम प्राधिकारी है.
मुंबई: बॉम्बे उच्च न्यायालय ने मंगलवार को जेल में बंद गैंगस्टर अबू सलेम की 45 दिनों की पैरोल मांगने वाली याचिका को खारिज कर दिया. सलेम ने ठाणे की अपनी प्रेमिका से निकाह करने के लिए 45 दिनों की पैरोल मांगी थी. कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश वी.के. ताहिलरमानी और न्यायमूर्ति एम.एस. सोनक की एक खंडपीठ ने जेल नियमों के आधार पर अनुरोध को खारिज कर दिया. जेल नियमों के मुताबिक आतंकवाद के आरोपों के तहत दोषी फरलो और पैरोल के योग्य नहीं होते हैं.
फिलहाल रायगढ़ के तालोजा जेल में बंद सलेम ने कोंकाण जिला आयुक्त (केडीसी) द्वारा मार्च में सुरक्षा आधार पर पैरोल का आवेदन खारिज किए जाने के बाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था. केडीसी इस मामले में सक्षम प्राधिकारी है.
सलेम ने अपनी वकील फरहाना शाह के माध्यम से उच्च न्यायालय को मंगलवार को सूचित किया कि कोंकाण जिला आयुक्त ने उसकी पैरोल को बिना किसी वजह के खारिज कर दिया था. सलेम का निकाह पहले पांच मई को निर्धारित था.
अबू सलेम को साल 1993 में मुंबई सीरियल ब्लास्ट में उसकी भूमिका के लिए दोषी करार दिया गया है. सलेम का कहना है कि उसने ठाणे जिले के मुंबरा शहर की निवासी कौसर बहार उर्फ हेना से निकाह कर लिया था. वह 2014 में एक मामले में लखनऊ अदालत में पेशी के लिए जा रहा था जब उसने रास्ते में फोन पर यह निकाह किया था. अब वह अपने विवाह को औपचारिक रूप देना चाहता है और रजिस्ट्रार आफिस में इसे पंजीकृत कराना चाहता है, इसलिए उसे पैरोल चाहिए.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 07, 2018 02:53 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

