आज से खुले तीन SME आईपीओ – जानें किन कंपनियों में है निवेश का मौका, क्या है प्राइस बैंड और कैसे है इनका बिजनेस मॉडल?
IPO Updates

अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं, और खासतौर पर एसएमई (SME) सेक्टर के आईपीओ (IPO) में दिलचस्पी रखते हैं, तो आपके लिए यह एक सुनहरा मौका हो सकता है. आज यानी 20 जून 2025 से तीन नई कंपनियों के आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुले हैं. इन तीनों कंपनियों के इश्यू एनएसई एसएमई (NSE SME) प्लेटफॉर्म पर लाए गए हैं, और निवेशक 24 जून 2025 तक इनमें आवेदन कर सकते हैं. इन कंपनियों के आईपीओ की डिटेल्स नीचे दी गई हैं:

आकार मेडिकल टेक्नोलॉजीज का आईपीओ (Aakaar Medical Technologies IPO)

आकार मेडिकल टेक्नोलॉजीज आईपीओ का सब्सक्रिप्शन 20 जून 2025 से शुरू हो चुका है, और यह 24 जून 2025 तक खुला रहेगा. इस इश्यू का आकार 27 करोड़ रुपये का है, जिसमें कंपनी कुल 37.50 लाख नए इक्विटी शेयर जारी कर रही है. यह पूरी तरह से फ्रेश इश्यू है, यानी इसमें कोई ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल नहीं है.

आईपीओ का प्राइस बैंड 68 रुपये से 72 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है. इसमें निवेश के लिए लॉट साइज 1,600 शेयरों का रखा गया है, यानी निवेशको को कम से कम एक लॉट के लिए आवेदन करना होगा. इस हिसाब से न्यूनतम निवेश की राशि 1,15,200 रुपये (उच्चतम प्राइस बैंड के अनुसार) होगी. अलॉटमेंट की तारीख 25 जून 2025 तय की गई है, जबकि शेयर बाजार में लिस्टिंग 27 जून 2025 को होगी.

जहां तक कंपनी के कारोबार की बात है, आकार मेडिकल टेक्नोलॉजीज एक एस्थेटिक मेडिकल (Aesthetic Medical) कंपनी है, जो त्वचा विशेषज्ञों (Dermatologists), प्लास्टिक सर्जनों (Plastic Surgeons) और सौंदर्य चिकित्सकों (Aesthetic Physicians) के लिए खास तरह के मेडिकल डिवाइस (Medical Devices) और कॉस्मेटिक (Cosmetics) उत्पाद बनाती है, और उनकी बिक्री करती है. यह कंपनी तेजी से बढ़ते ब्यूटी और स्किन केयर मार्केट में काम कर रही है, जिससे इसमें भविष्य में अच्छे विस्तार की संभावना मानी जा रही है.

सेफ एंटरप्राइजेज रिटेल फिक्सचर्स का आईपीओ (Safe Enterprises Retail Fixtures IPO)

सेफ एंटरप्राइजेज रिटेल फिक्सचर्स का आईपीओ भी 20 जून 2025 से निवेश के लिए खुल चुका है और इसमें आवेदन की आखिरी तारीख 24 जून 2025 है. इस इश्यू का कुल आकार 161.13 करोड़ रुपये है, जिसमें कंपनी कुल 1.16 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी कर रही है. यह भी पूरी तरह से फ्रेश इश्यू है, यानी इसमें कोई ऑफर फॉर सेल नहीं है.

इस आईपीओ का प्राइस बैंड 131 रुपये से 138 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है. निवेश के लिए लॉट साइज 1,000 शेयरों का रखा गया है, यानी एक लॉट खरीदने के लिए निवेशको को  न्यूनतम 1,38,000 रुपये (उच्चतम प्राइस बैंड के अनुसार) निवेश करने होंगे. इस आईपीओ का अलॉटमेंट 25 जून 2025 को होगा, जबकि लिस्टिंग 27 जून 2025 को एनएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर की जाएगी.

सेफ एंटरप्राइजेज रिटेल फिक्सचर्स एक ऐसी कंपनी है, जो दुकानों और रिटेल स्टोर्स के लिए फर्नीचर (Furniture), रैक (Rack), शेल्फ (Shelf) और डिस्प्ले सिस्टम डिजाइन (Display System Design) करती है, उन्हें बनाती है, और ऑन-साइट इंस्टॉल भी करती है. यह कंपनी फैशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिपार्टमेंटल स्टोर्स के लिए कस्टमाइज्ड रिटेल सॉल्यूशन (Customised Retail Solution) प्रदान करती है. इसके प्रोडक्ट्स की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे इसके कारोबार में अच्छे विस्तार की संभावना है.

मायाशील वेंचर्स का आईपीओ (Mayasheel Ventures IPO)

मायाशील वेंचर्स का आईपीओ 20 जून 2025 से निवेश के लिए खुल गया है, जो 24 जून 2025 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा. कंपनी इस इश्यू के जरिए बाजार से कुल 27.28 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है. इसमें पूरी तरह से 58.05 लाख नए इक्विटी शेयर जारी किए जा रहे हैं.

आईपीओ का प्राइस बैंड 44 रुपये से 47 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है. निवेशकों को एक लॉट में कम से कम 3,000 शेयर लेने होंगे, जिससे न्यूनतम निवेश राशि 1,41,000 रुपये (उच्चतम प्राइस पर) बनती है. इस आईपीओ का अलॉटमेंट 25 जून 2025 को किया जाएगा, जबकि शेयरों की लिस्टिंग 27 जून 2025 को एनएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर होने की संभावना है.

अब बात करें कंपनी के कारोबार की, तो मायाशील वेंचर्स एक इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण (Infrastructure Construction) कंपनी है, जो सड़क, हाईवे, फ्लाईओवर और पुल जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करती है. इसके अलावा कंपनी पावर हाउस (Power Houses), स्ट्रीट लाइटिंग (Street Lighting) और ट्रांसमिशन लाइनों (Transmission Lines) जैसे बिजली से जुड़े कार्य भी करती है. कंपनी ने अब तक नेशनल हाईवे एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) और अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ कई सफल प्रोजेक्ट पूरे किए हैं. विशेषज्ञों का मानना है, कि मजबूत प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो और सरकारी अनुबंधों के चलते कंपनी के विकास की संभावनाएं उज्ज्वल नजर आती हैं.