8th Pay Commission: कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी खबर, AITUC ने जनवरी 2026 से नया वेतनमान लागू करने की मांग की

ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग से अपनी सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू करने का आग्रह किया है. यूनियन का कहना है कि एरियर के नुकसान से बचने के लिए इसे पिछली तारीख से लागू करना अनिवार्य है.

8वां वेतन आयोग (Photo Credits: File Image)

8th Pay Commission News: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Pay Commission) के परामर्श का दौर इस मार्च में एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गया है. केंद्र सरकार (Central Government) के कर्मचारियों (Employees) और पेंशनभोगियों (Pensioners) ने वेतन संशोधन के लिए एक स्पष्ट समय सीमा की मांग तेज कर दी है. इसी कड़ी में, ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (All India Trade Union Congress) यानी एआईटीयूसी (AITUC) ने औपचारिक रूप से आयोग से आग्रह किया है कि सभी सिफारिशों को 1 जनवरी 2026 से पूर्वव्यापी (Retrospectively) प्रभाव से लागू किया जाए. चूंकि 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो रहा है, इसलिए यूनियनों का तर्क है कि कार्यान्वयन में किसी भी देरी की भरपाई पूर्ण एरियर (Arrears) के साथ की जानी चाहिए ताकि लगभग 1.2 करोड़ लाभार्थियों को वित्तीय नुकसान न हो. यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission News: 8वें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट, फिटमेंट फैक्टर और वेतन वृद्धि को लेकर मंथन तेज, जानें कब लागू होंगी सिफारिशें

आयोग का गठन और समय सीमा

जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई (Justice Ranjana Prakash Desai) की अध्यक्षता में इस आयोग का आधिकारिक गठन नवंबर 2025 में किया गया था. आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है, जिसके 2027 के मध्य तक आने की संभावना है. हालांकि, कर्मचारियों के बीच सबसे बड़ा सवाल इसकी प्रभावी तारीख को लेकर बना हुआ है.

कार्यान्वयन की तारीख पर छिड़ी बहस

विवाद का मुख्य केंद्र नए वेतनमान की प्रभावी तारीख है. सरकार ने 3 नवंबर 2025 को आयोग के 'टर्म्स ऑफ रेफरेंस' (ToR) को अधिसूचित किया था, लेकिन अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि भुगतान ठीक 1 जनवरी 2026 से शुरू होगा या नहीं. AITUC का कहना है कि वेतन संशोधन हर दस साल में होता है, इसलिए इसे भविष्य की किसी तारीख (Prospective Date) से लागू करना कर्मचारियों के साथ अन्याय होगा. यदि ऐसा होता है, तो कर्मचारी अपने पिछले बकाया (Back-pay) से वंचित रह जाएंगे.

एरियर का ऐतिहासिक उदाहरण

पिछले वेतन आयोगों के इतिहास को देखें तो सरकार ने रिपोर्ट में देरी होने के बावजूद एरियर प्रदान किया है:

यूनियनों का कहना है कि इस बार स्थिति अलग है क्योंकि 7वें वेतन आयोग के विपरीत, सरकार ने 2025 की शुरुआत में 8वें CPC की घोषणा के समय कोई संभावित तारीख साझा नहीं की थी, जिससे अनिश्चितता बनी हुई है. यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission News: 8वें वेतन आयोग के बाद न्यूनतम बेसिक सैलरी 51,480 रुपये होगी? जानें क्या हैं नए अपडेट्स

AITUC की प्रमुख मांगें: फिटमेंट फैक्टर और OPS

आयोग द्वारा जारी 18-प्रश्नों के सर्वेक्षण के जवाब में AITUC ने कई महत्वपूर्ण सिफारिशें पेश की हैं:

आगे क्या होगा?

आयोग वर्तमान में सभी हितधारकों से फीडबैक ले रहा है. आम जनता और कर्मचारी संगठन 30 अप्रैल 2026 तक 'MyGov' पोर्टल के माध्यम से अपने सुझाव दे सकते हैं. 2027 में रिपोर्ट जमा होने के बाद, केंद्रीय कैबिनेट इसके वित्तीय प्रभाव की समीक्षा करेगी और फिर अंतिम मंजूरी दी जाएगी.

Share Now

\