उत्तर प्रदेश में सीएए को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन में अब तक 1246 लोग हुए गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ बीते दिनों हुई हिंसा और तोड़फोड़ के सिलसिले में अब तक 372 मुकदमे दर्ज किए गए हैं. आईजी (कानून-व्यवस्था) प्रवीण कुमार ने बताया कि इन मुकदमों में नामजद 1,246 लोगों की गिरफ्तारी हुई है.
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ बीते दिनों हुई हिंसा और तोड़फोड़ के सिलसिले में अब तक 372 मुकदमे दर्ज किए गए हैं. आईजी (कानून-व्यवस्था) प्रवीण कुमार ने बताया कि इन मुकदमों में नामजद 1,246 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. उन्होंने कहा, "288 पुलिसकर्मी हिंसा में घायल हुए हैं. इनमें से 61 पुलिस कर्मियों को अवैध असलहों से चली गोलियां लगी हैं. इसके अलावा 148 मेरठ में, 82 लखनऊ, 79 रामपुर, 73 मुजफ्फरनगर, 50 कानपुर नगर, 26 संभल, 19 बुलंदशहर, 13 फिरोजाबाद और मऊ में आठ प्रदर्शनकारियों को चिह्न्ति कर वसूली के लिए नोटिस जारी किया गया है. इसकी एक रिपोर्ट शासन को भी भेजी गई है. जारी किए गए नोटिस में लोगों को तीन दिन में अपना पक्ष रखने को कहा गया है."
प्रदेश में हुई हिंसा में 687 अवैध कारतूस बरामद हुए, पुलिस पर फायरिंग, जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं. इसके अलावा हिंसा के मामलों में गठित एसआईटी द्वारा साक्ष्य संकलन, उपद्रवियों की गिरफ्तारी और षड््यंत्रकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. सीएए के विरोध में आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्ट करने वालों पर कार्रवाई का सिलसिला भी जारी है. व्हाट्सएप, ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर आपत्तिजनक मैसेज, फोटो और वीडियो अपलोड करने के मामले में भ्रमक पोस्ट करने पर अबतक 95 अभियोग पंजीकृत हुए हैं और 125 गिरफ्तारियां हुई हैं.
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उन्होंने कहा कि 20,950 सोशल मीडिया पोस्ट्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है. 10,380 ट्विटर, 10,389 फेसबुक और 181 यूट्यूब व अन्य प्रोफाइल पोस्ट्स के खिलाफ पुलिस कानूनी कार्रवाई कर रही है.