करण जौहर ने यूट्यूबर CarryMinati के खिलाफ जीती कानूनी जंग; मुंबई कोर्ट ने 'आपत्तिजनक' वीडियो हटाने का दिया आदेश

A Mumbai civil court has issued an ad-interim injunction against popular YouTuber Ajey Nagar, widely known as CarryMinati, directing the removal of content deemed "defamatory, vulgar, and abusive" toward filmmaker Karan Johar.

मुंबई: फिल्म निर्माता करण जौहर (Karan Johar) और देश के सबसे लोकप्रिय यूट्यूबर्स में से एक कैरी मिनाटी (अजय नागर) (CarryMinati) के बीच चल रही कानूनी लड़ाई (Legal Battle) में अदालत का बड़ा फैसला आया है. मुंबई की एक सिविल कोर्ट (Mumbai Civil Court) ने कैरीमिनाटी को निर्देश दिया है कि वह करण जौहर के खिलाफ अपमानजनक, अश्लील और अभद्र भाषा वाले किसी भी कंटेंट को सोशल मीडिया पर प्रसारित न करें. प्रिंसिपल सेशंस जज पी.जी. भोसले ने 9 फरवरी 2026 को यह अंतरिम आदेश जारी किया. कोर्ट ने यह कदम तब उठाया जब करण जौहर ने आरोप लगाया कि यूट्यूबर के वीडियो उनकी दशकों से बनी साख को नुकसान पहुंचा रहे हैं. यह भी पढ़ें: अश्लीलता पर डिजिटल स्ट्राइक: केंद्र सरकार ने 25 OTT प्लेटफॉर्म पर लगाया बैन, ALTBalaji और Ullu समेत कई नाम शामिल

विवाद की जड़: 'कॉफी विद जालान' रोस्ट

यह पूरा विवाद कैरी मिनाटी के एक पैरोडी वीडियो से शुरू हुआ, जिसका शीर्षक 'कॉफी विद जालान' (Coffee With Jalan) था. यह वीडियो करण जौहर के मशहूर टॉक शो 'कॉफी विद करण' का एक स्पूफ (मजाकिया नकल) था.

कोर्ट की सख्त टिप्पणियां और आदेश

जज भोसले ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया (Prima Facie) यह कंटेंट केवल मजाकिया नहीं बल्कि मानहानिकारक (Defamatory) प्रतीत होता है.

  1. वीडियो हटाना: कोर्ट ने कैरीमिनाटी और उनके मैनेजर दीपक चार को ऐसे वीडियो हटाने का आदेश दिया.
  2. जॉन डो (John Doe) आदेश: कोर्ट ने 'अज्ञात' लोगों के खिलाफ भी आदेश जारी किया है ताकि मूल वीडियो की क्लिप्स, रील्स या स्निपेट्स को कोई और दोबारा अपलोड न कर सके.
  3. गूगल और मेटा को निर्देश: तकनीकी दिग्गज गूगल (यूट्यूब) और मेटा (फेसबुक और इंस्टाग्राम) को विवादित यूआरएल और वीडियो लिंक ब्लॉक करने का निर्देश दिया गया है.

कैरी मिनाटी का पक्ष: 'वीडियो पहले ही हटा दिया गया'

अजय नागर के वकीलों ने अदालत में दलील दी कि यूट्यूबर ने सुनवाई से पहले ही स्वेच्छा से अपने चैनल से मूल वीडियो हटा दिया था.

डिजिटल युग में जवाबदेही

यूट्यूबर द्वारा वीडियो हटाए जाने के बावजूद करण जौहर के वकीलों का कहना था कि नुकसान पहले ही हो चुका है. वीडियो को करोड़ों बार देखा जा चुका है और उसके अंश अभी भी सोशल मीडिया पर रील्स के रूप में घूम रहे हैं. कोर्ट का यह फैसला भारत में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक बड़ा सबक है कि सार्वजनिक हस्तियों की आलोचना करते समय मानहानि की सीमाओं का ध्यान रखना अनिवार्य है.

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