हेमा मालिनी ने छेड़ी 'सीवीआई' के खिलाफ जंग, मथुरा में शुरू होंगे कार्यक्रम, जाने क्या है ये बीमारी?
बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद हेमा मालिनी इन दिनों अमेरिका यात्रा पर हैं. वह बोस्टन शहर में आयोजित प्रेरणादायक कार्यक्रम में शामिल हुईं. इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के जीवन को बेहतर बनाना था. यह कार्यक्रम 'कॉर्टिकल विजुअल इम्पेयरमेंट' (सीवीआई) यानी मस्तिष्क से जुड़ी दृष्टि संबंधी समस्या को लेकर था, जो आज के समय में बचपन में अंधेपन की सबसे बड़ी वजह बन चुकी है.
मुंबई, 17 मई : बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद हेमा मालिनी इन दिनों अमेरिका यात्रा पर हैं. वह बोस्टन शहर में आयोजित प्रेरणादायक कार्यक्रम में शामिल हुईं. इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के जीवन को बेहतर बनाना था. यह कार्यक्रम 'कॉर्टिकल विजुअल इम्पेयरमेंट' (सीवीआई) यानी मस्तिष्क से जुड़ी दृष्टि संबंधी समस्या को लेकर था, जो आज के समय में बचपन में अंधेपन की सबसे बड़ी वजह बन चुकी है.
इस कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें हेमा मालिनी ने अपने इंस्टाग्राम पर शेयर कीं और कैप्शन में लिखा, ''मैं इन दिनों अमेरिका की यात्रा पर हूं. यह सुंदर कार्यक्रम बोस्टन में हुआ और यह एक नेक उद्देश्य के लिए था. 'कॉर्टिकल विजुअल इम्पेयरमेंट' (सीवीआई) बचपन में अंधेपन का प्रमुख कारण है. हालांकि, सही इलाज से इसमें काफी सुधार किया जा सकता है. इस फंड रेजिंग कार्यक्रम का आयोजन अनुराधा जूजू, जूजूगाना और प्रशांत पलकुर्थी ने किया था, और यह विजन-एड नाम की संस्था के समर्थन में था. मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मथुरा में जल्द ही ऐसे खास कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिनका मकसद सीवीआई से प्रभावित बच्चों की मदद करना है.'' यह भी पढ़ें : Aamir Khan-Rajkumar Hirani Biopic: आमिर खान और राजकुमार हिरानी मिलकर बनाएंगे दादासाहेब फाल्के पर बायोपिक, शूटिंग अक्टूबर 2025 से शुरू
बता दें कि 'कॉर्टिकल विजुअल इम्पेयरमेंट' यानी सीवीआई एक ऐसी समस्या है, जिसमें आंखें देख तो सकती हैं, लेकिन मस्तिष्क को समझने में दिक्कत होती है. इससे लोगों को चीजें धुंधली दिख सकती हैं, चेहरों को पहचानना मुश्किल हो सकता है, या दूरी और आकार समझने में परेशानी हो सकती है. यह मस्तिष्क में चोट, ऑक्सीजन की कमी, स्ट्रोक या जन्मजात कारणों से हो सकता है. इसके लक्षण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं. यह बच्चों और बड़ों दोनों को हो सकता है, लेकिन यह बच्चों को अपनी चपेट में जल्दी लेता है.
जब कोई बच्चा ठीक से देख नहीं पाता, तो उसकी दुनिया अधूरी सी हो जाती है. लेकिन आशा की किरण तब जगती है, जब हम जान पाते हैं कि सही इलाज और थैरेपी से ऐसे बच्चों की नजर में सुधार लाया जा सकता है. यही संदेश इस कार्यक्रम के ज़रिए लोगों तक पहुंचाया गया. यह कदम मेडिकल क्षेत्र की दिशा में शानदार योगदान है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 17, 2025 10:58 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

