अश्लीलता पर डिजिटल स्ट्राइक: केंद्र सरकार ने 25 OTT प्लेटफॉर्म पर लगाया बैन, ALTBalaji और Ullu समेत कई नाम शामिल

भारत सरकार ने अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट परोसने वाले 25 ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स को प्रतिबंधित कर दिया है. केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में इसकी जानकारी देते हुए बताया कि ये प्लेटफॉर्म चेतावनी के बावजूद भारतीय कानूनों का उल्लंघन कर रहे थे.

बैन किए गए OTT प्लेटफॉर्म की लिस्ट (Photo Credits: Pexels)

नई दिल्ली: केंद्र सरकार (Union Government) ने डिजिटल मनोरंजन(Digital Entertainment) के नाम पर अश्लीलता परोसने वाले प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी (Electronics and Information Technology) राज्य मंत्री जितिन प्रसाद (Jitin Prasada) ने बुधवार, 11 फरवरी 2026 को लोकसभा में जानकारी दी कि वर्ष 2025 के दौरान कुल 25 ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म को प्रतिबंधित (Ban) कर दिया गया है, सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) के नेतृत्व में की गई यह कार्रवाई गृह मंत्रालय और बाल एवं महिला अधिकार (Ministry of Home Affairs and Experts in Child and Women’s Rights) विशेषज्ञों के साथ गहन विचार-विमर्श के बाद की गई है. यह भी पढ़ें: New AI Rules: भारत सरकार का बड़ा फैसला, सोशल मीडिया पर AI कंटेंट की पहचान होगी अनिवार्य; अश्लील डीपफेक पर लगेगा पूर्ण प्रतिबंध

क्यों लगाया गया प्रतिबंध?

सरकार के अनुसार, इन प्लेटफॉर्म्स पर मनोरंजन की आड़ में अश्लील, भद्दे और कुछ मामलों में पोर्नोग्राफिक (Pornographic) कंटेंट का वितरण किया जा रहा था.

प्रतिबंधित 25 ओटीटी प्लेटफॉर्म की पूरी सूची

सरकार ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (ISPs) और ऐप स्टोर्स (Google Play & Apple) को निम्नलिखित प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच बंद करने का निर्देश दिया है:

क्र.सं. प्लेटफॉर्म का नाम क्र.सं. प्लेटफॉर्म का नाम
1 ALTT (ALTBalaji) 14 Look Entertainment
2 Ullu 15 Hitprime
3 Big Shots App 16 Fugi
4 Desiflix 17 Feneo
5 Boomex 18 ShowX
6 NeonX VIP 19 Sol Talkies
7 Navarasa Lite 20 Adda TV
8 Gulab App 21 HotX VIP
9 Kangan App 22 Hulchul App
10 Bull App 23 MoodX
11 ShowHit 24 Triflicks
12 Jalva App 25 Mojflix
13 Wow Entertainment

कानूनी प्रावधान और कार्रवाई

इस प्रतिबंध के लिए सरकार ने मुख्य रूप से सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धाराओं का सहारा लिया है:

लगातार मिल रही थीं चेतावनियां

यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई है. सितंबर 2024 में सरकार ने इन प्लेटफॉर्म्स को 'आचार संहिता' (Code of Ethics) का पालन करने के लिए एडवाइजरी जारी की थी. 'डिजिटल पब्लिशर कंटेंट ग्रीवेंस काउंसिल' (DPCGC) और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) की रिपोर्टों के बाद, जब सुधार नहीं दिखा, तब यह सख्त कदम उठाया गया. सरकार ने स्पष्ट किया है कि 'रचनात्मक स्वतंत्रता' के नाम पर भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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