Twisha Sharma Death Case: AIIMS-दिल्ली की टीम भोपाल पहुंची, ट्विशा शर्मा का होगा दूसरा पोस्टमार्टम
ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में कटारा हिल्स पुलिस ने 15 मई को समर्थ सिंह और उसकी मां के खिलाफ दहेज हत्या और उत्पीड़न का मामला दर्ज किया था. इसके बाद से समर्थ फरार चल रहा था. भोपाल पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वालों के लिए इनाम की घोषणा भी की थी और उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था.
Twisha Sharma Death Case: अभिनेता और मॉडल ट्विशा शर्मा के दूसरे पोस्टमार्टम के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS)-दिल्ली के चार वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम शनिवार रात भोपाल पहुंची. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के निर्देश पर रविवार को AIIMS भोपाल में दोबारा पोस्टमार्टम किया जाएगा. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्विशा शर्मा के पिता द्वारा दायर याचिका स्वीकार करते हुए AIIMS-दिल्ली के स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड से दोबारा पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया था. सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि फॉरेंसिक मेडिसिन और टॉक्सिकोलॉजी विभाग की मेडिकल टीम ट्विशा के माता-पिता और भाई से भी बातचीत करेगी. Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा मौत मामले में मुख्य आरोपी समर्थ सिंह जबलपुर से गिरफ्तार, 7 दिनों की रिमांड मांगेगी भोपाल पुलिस
परिवार ने 13 मई को AIIMS भोपाल में तैयार की गई पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर आपत्ति जताई थी. डॉक्टरों की टीम फॉरेंसिक जांच के तहत ट्विशा के ससुराल का भी दौरा कर सकती है. इस बीच, भोपाल की अदालत ने शनिवार को कथित दहेज हत्या मामले के मुख्य आरोपी और ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह को 29 मई तक सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया.
समर्थ सिंह को भोपाल पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनुदिता गुप्ता की अदालत में पेश किया. उसे शुक्रवार को जबलपुर जिला अदालत परिसर से हिरासत में लिया गया था, जहां वह आत्मसमर्पण करने की कोशिश कर रहा था. अदालत ने समर्थ सिंह का पासपोर्ट जब्त करने का भी निर्देश दिया, जिसके बाद उसके वकील ने पासपोर्ट कोर्ट में जमा कर दिया. पेशे से वकील समर्थ सिंह पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह का बेटा है.
ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में कटारा हिल्स पुलिस ने 15 मई को समर्थ सिंह और उसकी मां के खिलाफ दहेज हत्या और उत्पीड़न का मामला दर्ज किया था. इसके बाद से समर्थ फरार चल रहा था. भोपाल पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वालों के लिए इनाम की घोषणा भी की थी और उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था. जबकि गिरिबाला सिंह को पहले ही अग्रिम जमानत मिल चुकी है, समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका निचली अदालत ने खारिज कर दी थी.