Kedarnath Movie Review: सुशांत सिंह राजपूत और सारा अली खान का दमदार अभिनय, रोंगटे खड़े कर देते हैं अंतिम कुछ दृश्य
साल 2013 में उत्तराखंड में आई आपदा के बारे में तो सबको पता है. इस आपदा की वजह से उत्तराखंड के खूबसूरत शहर केदारनाथ में तबाही मच गई थी. सारा अली खान (Sara Ali Khan) और सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की फिल्म 'केदारनाथ' (Kedarnath) उत्तराखंड में आई प्रलय पर आधारित है.
साल 2013 में उत्तराखंड में आई आपदा के बारे में तो सबको पता है. इस आपदा की वजह से उत्तराखंड के खूबसूरत शहर केदारनाथ में तबाही मच गई थी. सारा अली खान (Sara Ali Khan) और सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की फिल्म 'केदारनाथ' (Kedarnath) उत्तराखंड में आई प्रलय पर आधारित है. अगर फिल्म की तारीफ करनी हो तो कहानी के अंत से शुरुआत करते हैं. फिल्म के अंतिम कुछ दृश्यों में दिखाया जाता है कि किस तरह प्रलय आने पर पूरी केदार घाटी तबाह हो जाती है. इन दृश्यों को देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं. वैसे फिल्म में मंसूर (सुशांत) और मंदाकिनी (सारा) की प्रेम कहानी को दर्शाया गया है. फिल्म की सिनेमेटोग्राफी भी काफी अच्छी है. लेकिन फिल्म की कहानी दिल को छूने में असफल होती है. एक प्रेम कहानी पर बनी फिल्म से आप यह उम्मीद रखते हैं कि उसकी स्टोरी आपके दिल को जीतने में सफल हो मगर यहीं पर यह फिल्म मात खा जाती है.
कहानी: सुशांत इस फिल्म में एक पिट्ठू का किरदार निभा रहे हैं. उनका नाम मंसूर है. वह यात्रियों को केदारनाथ मंदिर के दर्शन कराते हैं. सारा अली खान केदारनाथ की निवासी है. घाटी के कुछ लोग केदारनाथ में एक 2 सितारा होटल बनवाना चाहते हैं. मंसूर इसका विरोध करता है क्योंकि उसे लगता है कि ऐसा करना घाटी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. मंसूर और मंदाकिनी उर्फ मुक्कू एक दूसरे से प्रेम करने लगते हैं लेकिन मुक्कू के परिवार वाले इस रिश्ते का सख्त विरोध करते हैं. फिल्म में मंसूर और मुक्कू के कुछ दृश्य आपके चेहरे पर मुस्कान लाने में सफल होंगे. फिल्म की कहानी में कुछ अधूरापन नजर आता है. कई ऐसे दृश्य है जहां फिल्म से कनेक्ट करना थोड़ा मुशकिल साबित होता है.
निर्देशन: अभिषेक कपूर (Abhishek Kapoor) ने सारा और सुशांत के टैलेंट का बखूबी इस्तेमाल किया है. साथ ही केदारनाथ शहर को उन्होंने बड़े पर्दे पर खूबसूरती से दर्शाया है. स्क्रीन पर उन सुन्दर वादियों को देखकर ही दिल खुश हो जाता है. कुछ सीन्स ऐसे हैं जो थोड़े अटपटे से लगते हैं, जिसकी वजह से मजा किरकिरा हो जाता है.
अभिनय: सैफ अली खान की बेटी सारा की यह पहली फिल्म है लेकिन उनका अभिनय देखकर ऐसा बिलकुल भी नहीं लगता. ऐसा प्रतीत होता है कि मानो एक अनुभवी अभिनेत्री को हम बड़े पर्दे पर देख रहे हैं. अपनी डेब्यू फिल्म में ही सारा ने शानदार एक्टिंग की है. सुशांत सिंह राजपूत ने भी अपने किरदार को बखूबी निभाया है. उनके सीन्स देखकर ये साफ पता चलता है कि उन्होंने इस किरदार के लिए कड़ी मेहनत की होगी.
म्यूजिक: फिल्म का म्यूजिक लाजवाब है. शुरुआत ही 'नमो नमो' जैसे दमदार गाने के साथ होती है. साथ ही 'स्वीटहार्ट','जानिसार' और 'काफिराना' नामक गाने भी आपको खूब पसंद आएगे. 'केदारनाथ' का बैकग्राउंड स्कोर भी बेहतरीन है.
फिल्म की खूबियां:
1.सुशांत सिंह राजपूत और सारा अली खान का दमदार अभिनय
2.शानदार सिनेमेटोग्राफी
3. फिल्म के अंतिम कुछ दृश्य
फिल्म की खामियां:-
1. कहानी में अधूरापन लगता है.
2. पहले हाफ की रफ़्तार थोड़ी धीमी है.
कितने स्टार्स?
सुशांत सिंह राजपूत और सारा अली खान की फिल्म 'केदारनाथ' को हम 3 स्टार्स देना चाहेंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 06, 2018 07:25 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

