Silver Rate Today, January 4, 2026: चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल, एलन मस्क ने भी जताई चिंता, जानें दिल्ली-मुंबई समेत अन्य शहरों में आज के लेटेस्ट रेट्स

भारत में 4 जनवरी 2026 को चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं. सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहनों में बढ़ती मांग के बीच चांदी ₹2.41 लाख प्रति किलोग्राम के पार ट्रेड कर रही है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

Silver Rate Today, January 4, 2026: भारतीय सर्राफा बाजार में इस साल जनवरी में चांदी (Silver) ने निवेश के मामले में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. 'सफेद धातु' कहे जाने वाली चांदी अब केवल गहनों तक सीमित नहीं रही, बल्कि एक उच्च प्रदर्शन वाली संपत्ति (High-performance asset) बनकर उभरी है.  आज, 4 जनवरी 2026 को देश के प्रमुख महानगरों में चांदी ₹2,41,000 प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रही है.

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस अभूतपूर्व तेजी के पीछे औद्योगिक मांग का सबसे बड़ा हाथ है. विशेष रूप से 'ग्रीन टेक्नोलॉजी' और इलेक्ट्रिक वाहनों में चांदी के बढ़ते उपयोग ने इसकी कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है. यह भी पढ़ें: Silver Rate Today, January 3, 2025: चांदी की कीमतों में भारी उछाल, ₹2.60 लाख के पार पहुंचे दाम; जानें दिल्ली से चेन्नई तक आज के ताजा रेट

प्रमुख शहरों में आज चांदी का भाव (प्रति किलोग्राम)

देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में टैक्स और स्थानीय मांग के आधार पर कीमतें भिन्न हो सकती हैं:

शहर चांदी की कीमत (आज)
दिल्ली ₹ 2,41,000
मुंबई ₹ 2,41,000
चेन्नई ₹ 2,57,000
बेंगलुरु ₹ 2,41,000
कोलकाता ₹ 2,41,000
हैदराबाद ₹ 2,57,000
केरल ₹ 2,57,000
अहमदाबाद ₹ 2,41,000

एलन मस्क की चेतावनी और औद्योगिक मांग

चांदी की बढ़ती कीमतों पर टेस्ला के सीईओ एलन मस्क (Elon Musk) ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कई महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रक्रियाओं के लिए चांदी अनिवार्य है और इसकी बढ़ती कीमत निर्माण लागत को प्रभावित कर सकती है.

विशेषज्ञों के अनुसार, सिल्वर-कार्बन बैटरी का इलेक्ट्रिक वाहनों में बढ़ता इस्तेमाल और सोलर इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार इस तेजी के मुख्य कारक हैं. ईवी सेक्टर में चांदी का उपयोग इसकी चालकता (Conductivity) के कारण बढ़ता जा रहा है, जिससे इसकी मांग और आपूर्ति में असंतुलन पैदा हो गया है.

निवेशकों का बदला रुझान

2026 में चांदी संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) की पहली पसंद बन गई है. जहां पहले चांदी को सोने का सस्ता विकल्प माना जाता था, वहीं अब इसे एक रणनीतिक धातु (Strategic Metal) के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि, साल की शुरुआत में कुछ मुनाफावसूली (Profit-booking) देखी गई है, लेकिन बाजार का रुझान अभी भी बेहद सकारात्मक बना हुआ है.

भविष्य का अनुमान: क्या ₹3 लाख पार करेगी चांदी?

बाजार के जानकारों का अनुमान है कि यदि औद्योगिक मांग इसी रफ्तार से बढ़ती रही, तो पहली तिमाही के अंत तक चांदी ₹3,00,000 प्रति किलोग्राम के स्तर को भी छू सकती है. चीन द्वारा चांदी के निर्यात पर लगाए गए नए प्रतिबंधों और वैश्विक आपूर्ति में कमी ने भी कीमतों को सहारा दिया है.

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