क्या वाकई Adani Power के शेयर में आई बंपर गिरावट? जानें हकीकत
Adani Group Share Price: अडानी पावर ने 1:5 शेयर स्प्लिट की घोषणा के बाद एनएसई पर शेयर का भाव तकनीकी कारणों से गिरकर 147 रुपये तक पहुंचा, जबकि शेयरधारकों के कुल निवेश वैल्यू में कोई बदलाव नहीं आया है.
Adani Group Stocks: सोमवार, 22 सितंबर 2025 को अडानी पावर (Adani Power Share Price) के शेयरों ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा, जब कंपनी ने अपने एक शेयर का फेस वैल्यू 10 रुपये से घटाकर पांच शेयरों में 2 रुपये करने का ऐलान किया. इसके बाद एनएसई (NSE) पर शेयर का भाव दिन में 147 रुपये तक गिर गया, जो 1:5 शेयर स्प्लिट (Share Split) का परिणाम था. हालांकि, यह गिरावट केवल तकनीकी है, और शेयरधारकों के कुल निवेश वैल्यू में कोई बदलाव नहीं आया है. उदाहरण के लिए, जिन निवेशकों के पास शुक्रवार को 100 शेयर थे, अब उनके डिमैट खाते में 500 शेयर होंगे, प्रत्येक का फेस वैल्यू 2 रुपये होगा, लेकिन कुल निवेश राशि वैसी ही बनी रहेगी.
पिछले शुक्रवार को यह शेयर 716 रुपये पर बंद हुआ था, यानी लगभग 13% की बढ़त के साथ, और सोमवार को खुले बाजार में कीमत कम दिखी क्योंकि इसे नए शेयरों की संख्या के अनुसार एडजस्ट किया गया था.
शेयर स्प्लिट का उद्देश्य और लाभ
शेयर स्प्लिट कंपनी के मार्केट कैप (Market Cap) या निवेशकों के कुल वैल्यू को प्रभावित नहीं करता, लेकिन इससे बाजार में उपलब्ध शेयरों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे लिक्विडिटी (Liquidity) बेहतर होती है और शेयर रिटेल निवेशकों के लिए अधिक किफायती बनते हैं. अडानी पावर ने यह शेयर स्प्लिट जुलाई में अपनी जून तिमाही की कमाई के साथ घोषित किया था. कंपनी ने इस तिमाही में 8,759 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (Consolidated Net Profit) दर्ज किया, जो पिछले साल के 4,779 करोड़ रुपये की तुलना में 83% अधिक है, और इसमें बिजली की बढ़ी हुई मांग और बेहतर रियलाइजेशन का अहम योगदान रहा है.
मॉर्गन स्टेनली की हालिया रेटिंग
रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) ने शुक्रवार को अडानी पावर पर ओवरवेट रेटिंग जारी करते हुए शेयर का प्राइस टार्गेट 818 रुपये तय किया है. मॉर्गन स्टेनली ने अडानी पावर को भारत का सबसे बड़ा निजी कोयला आधारित स्वतंत्र पावर प्रोड्यूसर (IPP) बताया, जिसकी ऑपरेशनल क्षमता 18.15 गीगावॉट (GW) है. ब्रोकरेज फर्म के अनुसार, अडानी पावर अपने पोर्टफोलियो को FY32 तक लगभग 2.5 गुना बढ़ाकर 41.9 गीगावॉट करने की योजना बना रही है, जिससे कोयला आधारित क्षमता में इसका मार्केट शेयर FY25 के 8% से बढ़कर FY32 में 15% हो जाएगा.
इसके तहत निर्माणाधीन 23.7 गीगावॉट क्षमता पर लगभग 22 अरब अमेरिकी डॉलर खर्च किए जाने का अनुमान है, जबकि संभावित लागत बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए कुल खर्च 27 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है. सोमवार सुबह 9:20 बजे के आसपास अडानी पावर के शेयर एनएसई पर 168 रुपये प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहे थे, जो दिन के निचले स्तर 147 रुपये से लगभग 14% ऊपर था.