Savitribai Phule 125th Punya Tithi 2022: गिरकर उठना, संभलना, फिर दूसरों को संभालना.. कुछ ऐसा था सावित्री फुले के जीवन का फलसफा!
स्त्री-शिक्षा एवं स्वःनिर्भरता की चर्चा होगी, तो सावित्री फुले के बिना बात पूरी नहीं होगी, क्योंकि उन दिनों स्त्री को परदे में रखने का प्रचलन था. उनकी शिक्षा की कोई व्यवस्था नहीं थी. सावित्री बाई ने महिला-शिक्षा की आवश्यकता पर जागरूकता लाने के लिए अभियान चलाया, पितृसत्ता, बाल-विवाह, विधवा-विवाह एवं जातिवाद जैसे मुद्दों के खिलाफ लड़ाई लड़ी.