भले ही फुटबॉल वर्ल्ड कप की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन इसका आयोजन करने वाली संस्था फीफा की साख आज शायद सबसे निचले स्तर पर है.
रूस का खतरा, ट्रंप का खराब मूड और बढ़ती रक्षा जरूरतें.
यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जर्मनी में सरकार चला रही पार्टियों के बीच बड़े सुधारों को लेकर सहमति बन गई है.
भारत और दुनिया की बड़ी खबरें एक साथ, एक ही जगह पढ़ने के लिए आप सही पेज पर हैं.
10 साल से भी ज्यादा समय तक त्वाइबु ने डरबन शहर में दर्जी का काम किया.
भारतीय नाविक राकेश चौहान की मौत और शव से गायब अंग, मर्चेंट नेवी की आड़ में चल रही स्याह दुनिया की परतें खोल सकते हैं.
दुनिया भर की कंपनियों के बीच एक बड़ी रेस चल रही है कि कौन सबसे पहले ऐसा न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्टर बना पाएगा, जो बड़े पैमाने पर बिजली पैदा कर सके.
युद्ध से छलनी हो चुकी जमीन पर फिर से अन्न कैसे उगाया जा सकता है? पूर्वी एशिया की एक घास, यूरोप और यूक्रेन को इसका रास्ता दिखा रही है.
शोको क्वाटा महज 33 साल की उम्र में ही मेयर चुनी गई थीं.
भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकजुटता का प्रतीक रहा इंडिया गठबंधन अब आंतरिक चुनौतियों से जूझता दिखाई दे रहा है.
28 साल की सिंगापुरी युवती एला से दोस्ती करने के लिए दुनिया भर के हजारों पुरुष बेताब थे.
कभी विश्व की सर्वश्रेष्ठ फुटबॉल टीमों में शुमार होने वाले जर्मनी को, अब दोयम दर्जे की टीम कहा जा रहा है.
सात साल पहले अयोध्या में मस्जिद के लिए राज्य सरकार ने जमीन दी थी.
जर्मनी बोस्टन में खेले गए मैच में पराग्वे से एक बेहद नाटकीय मुकाबले में हार गया और 2026 विश्व कप के पहले नॉकआउट दौर में ही टूर्नामेंट से बाहर हो गया.
सस्ती दवा का खर्च कौन उठाए? इसी सवाल पर अमेरिका और जर्मनी आमने-सामने आ गए हैं.
फ्रांस की राजधानी पेरिस के आस पास बीते चार दिनों में इतनी मौतें हुई कि शवगृहों में जगह कम पड़ गई है.
बांग्लादेश के बंदरगाह मोंगला पोर्ट पर चीन के साथ समझौता भारत के लिए खतरे की घंटी माना जा रहा है.