देश की खबरें | मध्यप्रदेश में धर्मांतरण रोधी कानून के तहत युवक गिरफ्तार, राज्य का दूसरा मामला

भोपाल, 21 जनवरी मध्यप्रदेश पुलिस ने धर्मांतरण रोधी कानून के तहत एक युवती की शिकायत पर 25 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है।

शहर के अशोक गार्डन पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक आलोक श्रीवास्तव ने बृहस्पतिवार को बताया कि इंजीनियरिंग की 23 वर्षीय छात्रा ने शिकायत दी थी कि युवक असद खान ने स्वयं का हिंदू नाम बताकर उससे दोस्ती की और शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण किया।

श्रीवास्तव ने कहा, "भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (2) (एन) (कई बार बलात्कार), धारा 294 (अश्लील कृत्य), तथा अन्य संबद्ध धाराओं और प्रदेश में हाल लागू किये गये धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश, 2020 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी असद खान को बुधवार को गिरफ्तार किया गया।’’

नए कानून के तहत प्रदेश में यह दूसरा मामला दर्ज किया गया है।

इस महीने की शुरुआत में राज्य सरकार ने धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश लागू किया था। इसके तहत कुछ मामलों में 10 साल जेल की सजा का प्रावधान है।

पुलिस ने बताया कि युवती प्रदेश के बालाघाट जिले की रहने वाली है और यहां भोपाल में आरोपी ने उससे बस में आने-जाने के दौरान 2019 में दोस्ती की। आरोपी ने युवती को बताया कि उसका नाम आशु है और वह हिंदू है। युवक ने खुद को मैकेनिकल इंजीनियर भी बताया था।

उन्होंने बताया कि दिसंबर 2019 में युवक, युवती को भोपाल के अशोक गार्डन इलाके में ले गया और वहां उसके साथ बलात्कार किया।

एएसपी राजेश भदौरिया ने बताया, ‘‘19 मार्च 2020 को आरोपी, युवती को जन्मदिन पर पड़ोसी जिले रायसेन में ले गया। वहां पर वह पांच मिनट में दोस्त से मिलकर आने का कहकर होटल से चला गया। इस दौरान युवती सुबह की सैर के लिये बाहर निकली तो उसने आरोपी को सिर पर टोपी पहने पास की एक मस्जिद से बाहर निकलते देखा। इसके बाद युवती ने युवक पर धोखा देने का आरोप लगाया।’’

श्रीवास्तव ने बताया कि इस घटना के बाद युवती ने आरोपी युवक से दूरी बना ली और कोरोना वायरस का लॉकडाउन लगने के बाद अपने मूल निवास बालाघाट स्थित घर लौट गई।

उन्होंने कहा कि अक्टूबर में पढ़ाई के लिये युवती के भोपाल लौटने पर आरोपी ने युवती का पीछा करना शुरू कर दिया और जब उसने ऐतराज जताया तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की।

श्रीवास्तव ने आगे बताया कि 11 जनवरी को भी असद ने युवती का पीछा किया और उससे शादी करने और धर्म बदलने के लिये दबाव डाला। असद ने युवती को धमकी दी कि अगर उसने उससे शादी नहीं की तो वह उसे जान से मार देगा। इसके बाद मंगलवार को असद ने युवती के साथ अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी।

उन्होंने बताया कि इसके अगले दिन पीड़िता अपने दो परिचितों के साथ थाने में शिकायत दर्ज कराने आई।

इस बीच, भाजपा जिला कार्यसमिति सदस्य संजय मिश्रा ने दावा किया कि वह इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए थाने गए थे।

हालांकि, श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘संजय मिश्रा थाना नहीं आए थे। पीड़िता अपनी महिला मित्र और उसके भाई के साथ आई थी।’’

इससे पहले 17 जनवरी को बड़वानी जिले में 22 वर्षीय महिला की शिकायत पर नए कानून के तहत मध्य प्रदेश का पहला मामला दर्ज किया गया था। उस मामले में आरोपी एक शादीशुदा व्यक्ति था और उसका पहले से एक बच्चा भी है।

मध्यप्रदेश में नौ जनवरी 2020 से धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश, 2020 लागू किया गया है। इसमें किसी की मूल धार्मिक पहचान छुपाकर जबरन या धोखाधड़ी से शादी के जरिए धर्मांतरण के मामलों में एक से दस साल तक की सजा का प्रावधान है।

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