हमलों के लिहाज से पिछले 18 दिन से थोड़ा शांति थी लेकिन हूती विद्रोहियों के इस हमले से स्थिति बदल गई है।
विद्रोही गाजा पट्टी में इजराइल-हमास युद्ध को लेकर पिछले लगभग एक साल से लाल सागर गलियारे से गुजरने वाले जहाजों पर हमले कर रहे हैं।
हिंसा के कारण इस क्षेत्र से जहाजों का अंतरराष्ट्रीय आवागमन बाधित हो गया है। एक समय यहां से सालाना एक खरब डालर का कारोबार होता था।
ब्रिटिश सेना के यूनाइटेड किंगडम समुद्री व्यापार परिचालन केंद्र (यूकेएमटीओ) ने बताया कि बाब अल-मन्देब जलडमरूमध्य से गुजर रहे जहाज ने हमले की सूचना दी। यह जलडमरूमध्य लाल सागर को अदन की खाड़ी से तथा अरब प्रायद्वीप को पूर्वी अफ्रीका से अलग करता है।
यूकेएमटीओ ने कहा कि जहाज के कैप्टन ने जहाज के निकट दो विस्फोटों की सूचना दी। हालांकि ‘‘जहाज और चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं।’’
निजी सुरक्षा फर्म एम्ब्रे ने भी हमले को ‘दो नजदीकी विस्फोट’ बताया।
उसने कहा कि उस समय जहाज अपनी स्थिति के बारे में जानकारी नहीं दे रहा था और उस पर एक निजी सशस्त्र सुरक्षा बल मौजूद था। हूती हमलों के कारण कई जहाजों में निजी सुरक्षा बल तैनात रहते हैं।
हूती के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने सोमवार देर रात हमले की जिम्मेदारी ली। ईरान समर्थित हूती विद्रोही अक्सर अपने दावों को बढ़ाचढ़ाकर पेश करते हैं।
एपी यासिर नरेश
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY