कोलकाता, 18 अप्रैल आलिया विश्वविद्यालय के बाद सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की छात्र इकाई सोमवार को वायरल हुई एक ऑडियो क्लिप को लेकर विवाद में फंस गई, जिसमें उसके एक नेता को कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद (टीएमसीपी) के हितों के खिलाफ काम करने को लेकर यादवपुर विश्वविद्यालय के कुछ शिक्षकों को धमकाते हुए सुना जा सकता है।
कथित धमकियों पर विश्वविद्यालय के सबसे बड़े शिक्षक निकाय जूटा ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान के परिसर में "माहौल खराब करने की एक बड़ी साजिश" की जा रही है।
जूटा ने विश्वविद्यालय परिसर में शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर भी आशंका व्यक्त की।
ऑडियो क्लिप की सत्यता की पुष्टि पीटीआई द्वारा नहीं की जा सकी और टीएमसीपी नेता ने कहा कि इसमें छेड़छाड़ की गई है और उसे फंसाया जा रहा है।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब आलिया विश्वविद्यालय के कुलपति मोहम्मद अली से इस महीने की शुरुआत में परिसर में टीएमसीपी के एक पूर्व नेता द्वारा दुर्व्यवहार किया गया था। इसके चलते छात्र नेता की गिरफ्तारी हुई थी।
टीएमसीपी नेता संजीब प्रमाणिक ऑडियो क्लिप में कथित तौर पर यह कहते सुनाई देते हैं, ‘‘जेयू (यादवपुर विश्वविद्यालय) में हमारे साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है। हम जानते हैं कि इसके लिए कौन जिम्मेदार हैं। हम जानते हैं कि जेयू के कौन से शिक्षक जिम्मेदार हैं। अगर मुझे ऐसे शिक्षकों का कॉलर पकड़ना पड़ा, तो मैं करूंगा। यहाँ उपस्थित अधिकतर लोग नहीं जानते कि मैं क्या हूँ और मैं क्या कर सकता हूँ।’’
प्रमाणिक ने पीटीआई- से कहा कि ऑडियो में आवाज उनकी नहीं है और यह "टीएमसीपी को बदनाम करने की एक बड़ी साजिश" है। उन्होंने विश्वविद्यालय के वामपंथी छात्रों और वामपंथी झुकाव वाले शिक्षकों के एक वर्ग को इसके लिए दोषी ठहराया और कहा कि वे नहीं चाहते कि टीएमसीपी जेयू में आधार स्थापित करे।
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