देश की खबरें | यह कहना गलत कि भारत ने कोविड की दूसरी लहर को रोकने के लिए पर्याप्त काम नहीं किया : एनएचए सीईओ

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के सीईओ आर एस शर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि यह कहना गलत है कि भारत संतुष्ट था और उसने कोविड​​​​-19 महामारी की दूसरी लहर पर काबू के लिए पर्याप्त काम नहीं किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कोई भी देश इसके लिए तैयार नहीं था।

नयी दिल्ली, एक जुलाई राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के सीईओ आर एस शर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि यह कहना गलत है कि भारत संतुष्ट था और उसने कोविड​​​​-19 महामारी की दूसरी लहर पर काबू के लिए पर्याप्त काम नहीं किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कोई भी देश इसके लिए तैयार नहीं था।

एनएचए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शर्मा ने इंडिया ग्लोबल फोरम 2021 में कहा कि कोई यह आलोचना नहीं कर सकता या भारत तैयार नहीं था यह फैसला नहीं दे सकता।

इस सवाल पर कि क्या भारत दूसरी लहर को लेकर बहुत आत्मसंतुष्ट था, उन्होंने कहा कि भारत एक विशाल और अत्यंत विविधता वाला देश है तथा जब किसी महामारी का इतना बड़ा प्रकोप होता है तो ऐसे में हर स्वास्थ्य प्रणाली के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति बन जाती है।

शर्मा ने कहा, "हमें निश्चित रूप से बुनियादी ढांचा बढ़ाने की आवश्यकता है, हमारे देश में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए, खासकर दूर-दराज के क्षेत्रों में, नए अभिनव तरीके खोजने की जरूरत है, लेकिन यह कहना कि भारत संतुष्ट था और रोकथाम के लिए पर्याप्त काम नहीं किया, सही नहीं है।"

उन्होंने दूसरी लहर के बारे में कहा कि भारत बुरी तरह प्रभावित हुआ था, लेकिन देश तत्काल उपाय शुरू करने में तत्पर और सतर्क था। इसीलिए जल्दी ही इस पर काबू पाने में सफल रहा। शर्मा ने कहा कि यह बहुत बड़ा था और अचानक आ गया लेकिन जिस गति से यह उठा, उसी गति से नीचे आ गया। उन्होंने कहा, "अब हम काफी बेहतर स्थिति में हैं।’’

उन्होंने कहा कि दैनिक नए मामलों में कमी आयी है और मरीजों के स्वस्थ होने की दर बहुत अधिक है और जहां तक ​​टीकाकरण का संबंध है, 35 करोड़ से अधिक टीके दिए जा चुके हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या भारत के लिए सबसे खराब दौर बीत चुका है, जबकि कुछ देश सर्दियों के महीनों में एक और लहर की तैयारी कर रहे हैं, शर्मा ने कहा, "मैं उस हिसाब से वैज्ञानिक नहीं हूं और यह भविष्यवाणी नहीं कर सकता कि तीसरी लहर कब आएगी और यह कितनी गंभीर या कितनी खराब होगी। लेकिन मैं यह कह सकता हूं कि हमने दूसरी लहर को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया है और संख्याओं में कमी आयी है। हमारे स्वास्थ्यकर्मी और पूरी स्वास्थ्य प्रणाली काफी दबाव में थी लेकिन यह संख्या को कम करने में सफल रही है।"

इतनी बड़ी आबादी के टीकाकरण के लिए योजना बनाते और उसे क्रियान्वित करते समय साजोसामान संबंधी चुनौतियों पर एक सवाल के जवाब में, शर्मा ने कहा कि भारत की लगभग 1.35 अरब आबादी में से छठे हिस्से का टीकाकरण कोई मामूली मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘इसके साथ ही, देश की विविधता की कल्पना करें। हमें यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी व्यक्ति को उचित अंतराल पर दो खुराक दी गई हो और उस पर नज़र रखना तथा लगभग सभी क्षेत्रों में टीकाकरण पर नजर रखना एक मुश्किल कार्य है...।’’

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