देश की खबरें | घर में बैठने की जगह बायो बबल में क्रिकेट खेलना पसंद करूंगा: स्टोक्स

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जैविक रूप से सुरक्षित माहौल (बायो बबल) में रहना कुछ खिलाड़ियों के लिए चिंता की बात हो सकती है लेकिन इंग्लैंड के स्टार आलराउंडर बेन स्टोक्स के साथ ऐसा नहीं है और उनका मानना है कि जब दुनिया महामारी से जूझ रही है तब कम से कम पृथक रहकर वह उस खेल को तो खेल पा रहे हैं जो उन्हें पसंद है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 29 अक्टूबर जैविक रूप से सुरक्षित माहौल (बायो बबल) में रहना कुछ खिलाड़ियों के लिए चिंता की बात हो सकती है लेकिन इंग्लैंड के स्टार आलराउंडर बेन स्टोक्स के साथ ऐसा नहीं है और उनका मानना है कि जब दुनिया महामारी से जूझ रही है तब कम से कम पृथक रहकर वह उस खेल को तो खेल पा रहे हैं जो उन्हें पसंद है।

पीटीआई को दिए साक्षात्कार में दुनिया के शीर्ष आलराउंडर ने कोविड-19 के खतरे के बीच जैविक रूप से सुरक्षित माहौल में जीवन के बारे में बात की। उन्होंने इसके अलावा कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की जिसमें राजस्थान रॉयल्स की ओर से टी20 क्रिकेट में सलामी बल्लेबाज की भूमिका भी शामिल है।

यह भी पढ़े | COVID-19 पॉजिटिव महिला ने रायपुर के AIIMS अस्पताल में 3 बच्चों को दिया जन्म, नवजात शिशुओं की पहली कोरोना रिपोर्ट आई निगेटिव.

स्टोक्स ने कहा, ‘‘इसके साथ काफी चुनौतियां आई हैं, आपको पता है कि परिवार से दूर रहना, लंबे समय तक एक ही जगह पर रहना, एक निश्चित समय के बाद यह नीरस हो सकता है। ’’

लेकिन स्टोक्स का मानना है कि चीजों को इस तरह समझने की जरूरत है कि सारी सहजताओं के बीच कुछ नीरसता खिलाड़ियों को काफी अन्य लोगों की तुलना में बेहतर स्थिति में रखती है।

यह भी पढ़े | MEA on Pakistan: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव बोले-आतंकवाद को समर्थन देने में पाकिस्तान की भूमिका पूरा विश्व जानता है.

उन्होंने कहा, ‘‘घर में बैठने की जगह बेहतर है कि हम जैविक रूप से सुरक्षित माहौल में क्रिकेट खेलें और वह करें जो हमें पसंद है। हमें चीजों को इस नजरिए से देखने की जरूरत है, दुनिया में करोड़ों लोग हैं जो हमसे अधिक परेशान हैं। ’’

स्टोक्स ने कहा, ‘‘जब हमें लगता है कि समय मुश्किल है तब उनके बारे में सोचकर चीजें थोड़ी आसान हो जाती हैं।’’

जैविक रूप से सुरक्षित माहौल में लंबे समय तक रहने को लेकर चिंताएं जताई गई हैं और पाकिस्तान के कोच मिसबाह उल हक ने इसके मनोवैज्ञानिक नतीजों को लेकर चेताया है।

स्टोक्स ने कहा कि जैविक रूप से सुरक्षित माहौल में रहने से वह स्वतंत्रता छिन जाती जिसमें रहने के खिलाड़ी आदी हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह बेहद चुनौतीपूर्ण समय है। विशेषकर तब जब चीजें उससे काफी अलग हैं इसकी हमें इतने वर्षों से आदत है।’’

स्टोक्स का मानना है कि खिलाड़ी उन करोड़ों दर्शकों के ऋणी हैं जिन्होंने इतने वर्षों में उनका समर्थन किया और खिलाड़ी प्रदर्शन करके इसकी भरपाई कर सकते हैं जिसे टेलीविजन पर देखा जाए।

मुंबई इंडियन्स के खिलाफ शानदार शतक जड़ने वाले स्टोक्स सलामी बल्लेबाज की भूमिका का लुत्फ उठा रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हां, मैं इस नई भूमिका का सचमुच लुत्फ उठा रहा हूं। मैंने मैका (कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड) से काफी समय पहले इस बारे में बात की, आईपीएल सामान्यत: साल की शुरुआत में होता है, इसलिए हमने इससे पहले इस पर चर्चा की थी। मैं नई भूमिका का सचमुच लुत्फ उठा रहा हूं।’’

स्टोक्स ने स्पष्ट किया कि वह हमेशा पारी का आगाज करना चाहते थे।

उन्होंने कहा, ‘‘यह ऐसी चीज है जिसे मैं धीरे-धीरे करना चाहता था। इंग्लैंड की टीम में जेसन रॉय, टॉम बेंटन, जॉनी बेयरस्टॉ, एलेक्स हेल्स स्तरीय बल्लेबाजों को देखते हुए इस समय यह काफी मुश्किल है और ये सभी सलामी बल्लेबाज हैं, इसलिए यह काफी मुश्किल जगह है। इसलिए मैं रॉयल्स के साथ मिले मौके और जिम्मेदारी का लुत्फ उठा रहा हूं।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\