देश की खबरें | विश्व के नेताओं ने भारत के वैश्विक शक्ति के रूप में उभरने में प्रणब मुखर्जी के योगदान को याद किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित विश्व के नेताओं ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर शोक प्रकट किया है। साथ ही, उन्होंने भारत के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और इसके एक वैश्विक शक्ति के रूप में उभरने के प्रति उनके योगदान को भी याद किया।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

वाशिंगटन/ढाका, दो सितंबर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित विश्व के नेताओं ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर शोक प्रकट किया है। साथ ही, उन्होंने भारत के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और इसके एक वैश्विक शक्ति के रूप में उभरने के प्रति उनके योगदान को भी याद किया।

मुखर्जी का सोमवार शाम दिल्ली छावनी स्थित सेना के रिसर्च ऐंड रेफरल अस्पताल में निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे। वह 21 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे।

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ट्रंप ने ट्वीट किया, ‘‘भारत के पूर्व राष्ट्रपति, प्रणब मुखर्जी के निधन के बारे में जान कर मुझे दुख हुआ। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं उनके परिवार और भारत के लोगों के प्रति अपनी संवेदना भेज रहा हूं क्योंकि वे एक महान नेता का निधन हो जाने से दुखी हैं। ’’

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इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा, ‘‘उनकी दूरदृष्टि वाले नेतृत्व ने भारत के एक वैश्विक शक्ति के रूप में उभरने में मदद की और अमेरिका-भारत मजबूत संबंधों का मार्ग प्रशस्त किया। ’’

पोम्पियो ने कहा, ‘‘मुखर्जी की कई उपलब्धियों ने कहीं अधिक समृद्ध और सुरक्षित भारत का निर्माण किया। विदेश और रक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने ऐतिहासिक अमेरिका-भारत असैन्य परमाणु समझौते में, अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी में एक अग्रणी भूमिका निभाई और आज जो अमेरिका-भारत सुरक्षा संबंध दिख रहा है उसे यहां तक पहुंचाने वाले रक्षा रूपरेखा समझौते पर हस्ताक्षर किये थे। ’’

उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘कुछ भारतीय राजनेताओं ने 21 वीं सदी में वैश्विक नेतृत्व के लिये भारत को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है। अमेरिका के लोगों की ओर से, भारत के लोगों और मुखर्जी के परिवार के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हैं। ’’

पड़ोसी देश बांग्लादेश ने अपने ‘सच्चे मित्र’ मुखर्जी के सम्मान में बुधवार को राजकीय शोक मनाया।

बांग्लादेश सरकार ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति की 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में तथा द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में शानदार एवं अविस्मरणीय योगदान को भी याद किया।

मुखर्जी के निधन पर शोक प्रकट करने के लिये सभी सरकारी, अर्द्ध सरकारी, स्वायत्त और निजी संस्थान तथा विदेशों में स्थित बांग्लादेशी दूतावासों में बांग्लादेश का राष्ट्रध्वज आधा झुका रहा।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिख कर कहा कि भारत के लोगों के कल्याण के लिये भारत रत्न मुखर्जी के अथक कार्य न सिर्फ भारत में, बल्कि क्षेत्र के सभी देशों में भविष्य की पीढ़ी के नेताओं को प्रेरित करते रहेंगे ।

हसीना ने मुखर्जी को बांग्लादेश का सच्चा मित्र और अपने परिवार के लिये अभिभावक जैसा बताया।

हसीना ने कहा कि मुखर्जी ने उनके परिवार का हमेशा ही सहयोग किया, तब भी जब वे लोग उनके (हसीना के) पिता एवं बांग्लादेश के संस्थापक बंगबंधू शेख मुजीबुर रहमान की 1975 में हत्या कर दिये जाने के बाद भारत में निर्वासन में थे।

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे बुरे वक्त में मुखर्जी ने हमेशा ही मेरे परिवार का हालचाल पूछा और हमारी हर जरूरत पर हमारे साथ खड़े रहे। वह हमारे अभिभावक और पारिवारिक मित्र थे तथा हमेशा ही किसी भी संकट में हमें साहस दिया...वह उपमहाद्वीप की राजनीति में ध्रुव तारे के रूप में विद्यमान रहेंगे। ’’

इससे पहले, बांग्लादेश के राष्ट्रपति अब्दुल हामिद ने भी मुखर्जी के निधन पर शोक प्रकट करते हुए उन्हें एक सच्चा मित्र बताया और 1975 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में उनके शानदार एवं अविस्मरणीय योगदान को याद किया।

उन्होंने कहा, ‘‘उनके निधन से उप महाद्वीप के राजनीतिक फलक को अपूरणीय क्षति हुई है। ’’

श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने बुधवार को मुखर्जी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि दिवंगत नेता श्रीलंका और इसके लोगों के एक प्रिय मित्र थे।

महिंदा ने अपने शोक संदेश में कहा, ‘‘वह श्रीलंका और इसके लोगों के एक प्रिय मित्र थे। उनके मैत्रीपूर्ण नेतृत्व का अभाव भारत के लोग, श्रीलंका और समूचा विश्व महसूस करेगा। ’’

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने मुखर्जी के निधन पर शोक प्रकट किया और वैश्विक संस्था में सुधार, बहुपक्षवाद तथा इसके प्रति सहयोग की उनकी प्रतिबद्धता को लेकर उन्हें याद किया।

महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा, ‘‘पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी के निधन का दुखद समाचार महासचिव को मिला और उन्होंने इस क्षति को लेकर उनके परिवार तथा भारत सरकार एवं वहां के लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की है। ’’

सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालकृष्णन ने बुधवार को सिंगापुर स्थित भारतीय उच्चायोग की शोक पुस्तिका में अपना संदेश लिखा। इसमें उन्होंने मुखर्जी को देश का एक अच्छा मित्र बताया जिन्होंने अपने नेतृत्व के तहत द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में अहम योगदान दिये।

इससे पहले, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी और प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली, मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह सहित अन्य नेताओं ने मुखर्जी के निधन पर शोक प्रकट किया था।

मुखर्जी भारत के 13 वें राष्ट्रपति थे।

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