नयी दिल्ली, 10 अक्टूबर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शनिवार को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर कहा कि कोविड-19 का व्यापक सामाजिक और आर्थिक प्रभाव दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में सभी देशों के लिए टिकाऊ और गुणवत्ता वाली मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं में निवेश की जरूरत को रेखांकित करता है।
डब्ल्यूएचओ की दक्षिण-पूर्व एशिया की क्षेत्रीय निदेशक पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा कि क्षेत्र में जिन लोगों को मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत है, उनमें प्रत्येक पांच में से चार लोगों को ये सुविधाएं नहीं मिलतीं।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मानसिक स्वास्थ्यकर्मियों की प्रति व्यक्ति संख्या भी सबसे कम है।
सिंह ने कहा कि कोरोना वायरस के व्यापक सामाजिक और आर्थिक प्रभावों को देखते हुए देशों और साझेदारों को आवश्यक कोष प्राप्त करने और उसे इस्तेमाल करने के लिए तेजी से काम करना चाहिए।
दुनियाभर में प्रत्येक दस लोगों में से एक को मानसिक सेहत संबंधी दिक्कतें हैं।
उन्होंने कहा कि हर साल अल्कोहल के नुकसानदायक तरीके से इस्तेमाल के कारण अनुमानत: 30 लोगों की मृत्यु हो जाती है। हर 40 सेकंड में एक आत्महत्या हो जाती है। अधिकतर मानसिक सेहत संबंधी समस्याओं का उपचार अपेक्षाकृत कम लागत में प्रभावी तरीके से किया जा सकता है।
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