देश की खबरें | राजस्थान की विलुप्त नदियों को संरक्षित करने के लिए हो रहा है काम: मंत्री राव

जयपुर, 12 मार्च राजस्थान के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि राज्य में विलुप्त नदियों को संरक्षित करने की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।

मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि करौली जिले की भद्रावती नदी का पुनरुद्धार करने के लिए राज्य सरकार द्वारा कार्य करवाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा रूपारेल, साबी एवं जोजरी नदी को पुनर्जीवित करने हेतु रिपोर्ट डीपीआर के कार्य को बजट घोषणा वर्ष 2024-25 के तहत करवाने हेतु स्वीकृति दी जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि जाखम बांध के अधिशेष जल को राजसमंद, चित्तौड़गढ़ एवं भीलवाड़ा के मेजा, भोपालसागर, राजसमंद, नंदसमंद आदि बांधो में भेजने के सिलसिले बजट घोषणा वर्ष 2024-25 में 12.50 करोड़ रुपये की लागत से डीपीआर तैयार करने हेतु कार्यादेश 10 फरवरी को जारी किए गए।

रावत ने बताया कि भारत सरकार की राष्ट्रीय नदी संरक्षण परियोजना के अंतर्गत जोधपुर जिले की जोजरी नदी में बहाये जा रहे मलजल के शोधन हेतु चार कार्य स्वीकृत किये गये हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा बजट घोषणा वर्ष 2024-25 के अंतर्गत नदियों की साफ-सफाई हेतु गाद हटाने के कार्य के वास्ते स्वीकृति एवं वित्तीय संसाधन उपलब्धतानुसार कराये जाने प्रस्तावित हैं।

इससे पहले विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में जल संसाधन मंत्री ने कहा कि नदियों को पुनर्जीवित करने के सिलसिले में ‘रिजटू वैली कैचमेंट’ क्षेत्र उपचारित पद्धति आधारित वानिकीकरण कार्य, जल संरक्षण कार्य, मृदा संरक्षण कार्य, नाला उपचार कार्य, प्रदूषण रोक संबंधी कार्य तथा इस संबंध में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने हेतु सामुदायिक संगठन एवं सूचना शिक्षा एवं संचार (आईईसी) की मदद लेने, डीपीआर तैयार करने, स्वीकृति उपरांत संसाधन उपलब्धत कराये जाने हैं।

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