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Petrol Price Today, March 29, 2026: लोगों के लिए बड़ी राहत! पेट्रोल के दाम स्थिर, जानें दिल्ली, मुंबई समेत अन्य प्रमुख शहरों में आज के ताज़ा रेट

भारत में 29 मार्च 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है. केंद्र सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में 10 रुपये की कटौती के बाद आम जनता को बढ़ती वैश्विक कीमतों से राहत मिली है. दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 और मुंबई में ₹103.54 प्रति लीटर पर बरकरार है.

Petrol Price Today, March 29, 2026: लोगों के लिए बड़ी राहत! पेट्रोल के दाम स्थिर, जानें दिल्ली, मुंबई समेत अन्य प्रमुख शहरों में आज के ताज़ा रेट

Petrol Price Today, March 29, 2026:  देश भर में आज, 29 मार्च 2026 को पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यह स्थिरता उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखी जा रही है. हाल ही में केंद्र सरकार ने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतों के असर को कम करने के लिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी. इस हस्तक्षेप के बाद तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने कीमतों को स्थिर रखा है.

प्रमुख शहरों में आज के पेट्रोल भाव (29 मार्च, 2026)

राज्यों में लगने वाले वैट (VAT) और स्थानीय परिवहन शुल्क के कारण अलग-अलग शहरों में ईंधन की कीमतें भिन्न होती हैं. प्रमुख महानगरों और शहरों के ताजा भाव इस प्रकार हैं: यह भी पढ़े: Petrol Price Today, March 27, 2026: राहत बरकरार; दिल्ली, मुंबई और नोएडा समेत आपके शहर में क्या हैं पेट्रोल के दाम, देखें 27 मार्च की लेटेस्ट लिस्ट

शहर पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर)
नई दिल्ली ₹94.77
मुंबई ₹103.54
कोलकाता ₹105.41
चेन्नई ₹101.06
बेंगलुरु ₹102.96
हैदराबाद ₹107.50
नोएडा ₹95.12
गुरुग्राम ₹95.65
अहमदाबाद ₹94.29

वैश्विक कच्चे तेल का प्रभाव और सरकारी रणनीति

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) की कीमतें इस महीने 112 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं. पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं के बावजूद भारतीय सरकार ने रणनीतिक भंडार और टैक्स कटौती के तालमेल से घरेलू अर्थव्यवस्था को महंगाई के झटके से बचाने का प्रयास किया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में आश्वस्त किया था कि वैश्विक ऊर्जा संकट के बावजूद देश में ईंधन की कमी नहीं होने दी जाएगी.

तेल कंपनियों द्वारा घाटे की भरपाई

हालांकि सरकार ने टैक्स में कटौती की है, लेकिन पंपों पर कीमतों में और बड़ी गिरावट फिलहाल नजर नहीं आ रही है. इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसी सरकारी कंपनियां 10 रुपये की टैक्स राहत का उपयोग अपने 'अंडर-रिकवरी' (घाटे) की भरपाई के लिए कर रही हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार कीमतों को फ्रीज नहीं करती, तो पेट्रोल के दाम ₹40 से ₹50 प्रति लीटर तक और बढ़ सकते थे.

आगे क्या है बाजार का रुख?

वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में बाजार की नजर दो मुख्य कारकों पर है. पहला, डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का लगभग 90% कच्चा तेल आयात करता है. दूसरा, मध्य पूर्व में शांति वार्ताओं के संकेत. यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम गिरते हैं, तो आगामी तिमाही में खुदरा कीमतों में और कमी की संभावना बन सकती है. फिलहाल, जानकारों का मानना है कि लघु अवधि में कीमतें इसी स्तर पर स्थिर रहेंगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 29, 2026 09:18 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).