गुवाहाटी, 21 अगस्त असम की मंत्री अजंता नियोग ने सोमवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महिला सदस्य दल में 'पूरी तरह से सुरक्षित' हैं और उन्हें सभी स्तरों पर प्रमुख नेतृत्व भूमिकाएं दी गई हैं।
नियोग का यह बयान हाल ही में पार्टी की एक महिला नेता के आत्महत्या करने के बाद आया है। इस घटना के मद्देनजर विपक्षी दलों ने भाजपा में महिला कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर सवाल उठाया था।
नियोग ने विपक्ष को चुनौती दी कि अगर वे महिलाओं के कल्याण के बारे में ‘वास्तव में चिंतित’ हैं, तो पहले वर्ष 2026 का विधानसभा चुनाव जीतें और फिर सदन में महिलाओं से संबंधित मुद्दे उठाएं।
भाजपा किसान मोर्चा की एक नेता ने पार्टी के एक अन्य नेता के साथ अंतरंग तस्वीरें सामने आने के बाद 11 अगस्त को अपने गुवाहाटी स्थित आवास पर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।
आत्महत्या की इस घटना के बाद पुलिस ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित एक व्यक्ति समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
वित्त और महिला एवं बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहीं नियोग ने यहां प्रदेश भाजपा मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग मामले का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करती हूं और आशा करती हूं कि ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी।’’
उन्होंने कहा,''भाजपा सदस्य होने के नाते, मैं कह सकती हूं कि पार्टी में महिला सदस्य पूरी तरह से सुरक्षित हैं। हमने देखा है कि पार्टी ने किस तरह महिलाओं को नेतृत्व भूमिकाएं दी हैं। देश में पहली बार, एक महिला केंद्रीय वित्त मंत्री का पद संभाल रही है। मैं खुद राज्य में वही विभाग संभाल रही हूं।''
नियोग ने महिलाओं के लिए आवाज उठा रहे लोगों को वर्ष 2026 में विधानसभा चुनाव लड़ने तथा जीतने और सदन में मामले उठाने की चुनौती दी।
उसी स्थान पर एक अन्य संवाददाता सम्मेलन में, भाजपा की चार अन्य महिला नेताओं ने भी कहा कि पार्टी ने उन्हें उचित प्रमुखता और जिम्मेदारियां दी हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि आत्महत्या मामले में कांग्रेस समेत विपक्षी दल राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं और इन दलों ने भाजपा के खिलाफ अभियान चलाया है।
प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष बिजुली कलिता मेधी, राज्य सचिव अपराजिता भुइयां और प्रवक्ता जानकी खौंद तथा जूरी शर्मा बारदोलोई ने कहा, ‘‘भाजपा में महिलाएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं। वास्तव में, यह कांग्रेस ही है जिसने वर्षों से अपने नेताओं के खिलाफ महिला उत्पीड़न के आरोपों का सामना किया है।’’
असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) की चार वरिष्ठ महिला नेताओं ने शुक्रवार को मांग की थी कि भाजपा की महिला नेता की कथित आत्महत्या के मामले में शामिल सभी व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस कड़ी कार्रवाई करे।
इस संबंध में एपीसीसी की उपाध्यक्ष प्रणति फुकन और बोबीता शर्मा, महासचिव रोसेलिना तिर्की और विधायक नंदिता दास ने पुलिस आयुक्त दिगंता बराह को एक ज्ञापन सौंपा था।
उन्होंने आरोप लगाया था कि भाजपा की महिला नेता की मौत के पीछे नौकरी के बदले नकदी घोटाला है।
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