देश की खबरें | महापुरूषों के खिलाफ टिप्पणी के विरोध में महिला ने विधान भवन के बाहर आत्मदाह का प्रयास किया

नागपुर (महाराष्ट्र), 23 दिसंबर राज्यपाल बी एस कोश्यारी और कुछ अन्य नेताओं द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज सहित प्रतिष्ठित हस्तियों के खिलाफ कथित तौर पर की गई अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में 28 वर्षीय महिला ने शुक्रवार को नागपुर में महाराष्ट्र विधानमंडल परिसर के बाहर आत्मदाह का प्रयास किया। पुलिस ने यह जानकारी दी।

सोमवार से शुरू हुआ राज्य विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 30 दिसंबर को समाप्त होगा।

एक अधिकारी ने कहा कि महिला कविता चव्हाण दोपहर करीब ढाई बजे विधान भवन परिसर के बाहर आई और ज्वलनशील तरल पदार्थ अपने ऊपर उड़ेल लिया। उन्होंने बताया कि विधानसभा परिसर के गेट पर तैनात पुलिस कर्मचारियों ने यह देखा और उसे काबू में किया।

सोलापुर जिले की रहने वाली महिला ने पुलिस से सवाल किया कि शिवाजी महाराज और समाज सुधारक महात्मा फुले और सावित्रीबाई फुले के खिलाफ टिप्पणी पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है ? बाद में उन्होंने डॉ बाबासाहेब अंबेडकर की प्रशंसा में नारे लगाए।

इंस्पेक्टर अतुल सबनीस ने कहा, ‘‘इससे पहले कि महिला खुद को आग के हवाले कर पाती, पुलिस ने उसे रोक लिया। फिर उसे सीताबुल्दी पुलिस थाना ले जाया गया।’’

राज्यपाल कोश्यारी ने हाल में कहा था कि शिवाजी महाराज ‘‘पुराने जमाने के नायक’’ थे, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने दावा किया था कि मराठा योद्धा सम्राट ने मुगलों से नरमी बरतने को कहा था। इस बयान के विरोध में राज्य भर में प्रदर्शन हुए थे।

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