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आरबीआई बांड को वापस लेना नागरिकों के लिए झटका, तत्काल बहाल करने की मांग करें लोग: कांग्रेस नेता पी चिदंबरम

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने 7.75 प्रतिशत बचत बांड योजना को वापस लेने के सरकार के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि यह देश के नागरिकों के लिए झटका है और ऐसे में लोगों को इसकी तत्काल बहाली की मांग करनी चाहिए. पूर्व वित्त् मंत्री ने ट्वीट किया सरकार ने बचत करने वाले नागरिकों खासकर वरिष्ठ नागरिकों को एक और झटका दिया है..

आरबीआई बांड को वापस लेना नागरिकों के लिए झटका, तत्काल बहाल करने की मांग करें लोग: कांग्रेस नेता पी चिदंबरम
पी. चिदंबरम (Photo Credits : file photo)

नई दिल्ली, 28 मई: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम (P. Chidambaram) ने 7.75 प्रतिशत बचत (कर योग्य) बांड योजना को वापस लेने के सरकार के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि यह देश के नागरिकों के लिए झटका है और ऐसे में लोगों को इसकी तत्काल बहाली की मांग करनी चाहिए. पूर्व वित्त् मंत्री ने ट्वीट किया, "सरकार ने बचत करने वाले नागरिकों खासकर वरिष्ठ नागरिकों को एक और झटका दिया है. इसने 7.75 प्रतिशत बचत आरबीआई बांड  योजना को वापस ले लिया है." उन्होंने कहा, "सरकार ने जनवरी, 2018 में भी ऐसा किया था. मैंने इसका पुरजोर विरोध किया था. अगले ही दिन सरकार ने बांड को फिर शुरू कर दिया लेकिन ब्याज दर को आठ फीसदी से घटाकर 7.75 फीसदी कर दिया."

चिदंबरम ने कहा, "कर लगने के बाद इस पर सिर्फ 4.4 प्रतिशत का लाभ होगा. अब यह भी वापस ले लिया गया है. क्यों? मैं इस कदम की निंदा करता हूं." उनके मुताबिक हर सरकार अपने नागरिकों को कम से कम एक सुरक्षित जोखिम मुक्त निवेश का विकल्प उपलब्ध कराने को बाध्य है. यह 2003 से आरबीआई बांड था. उन्होंने कहा, "पीपीएफ और लघु बचत योजनाओं पर ब्याज घटाने के बाद आरबीआई बॉंड को खत्म करना एक और बेरहम झटका है. सभी नागरिकों को मांग करनी चाहिए कि आरबीआई बॉंड को तत्काल बहाल किया जाए."

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गौरतलब है कि सरकार ने 7.75 प्रतिशत बचत (करयोग्य) बांड योजना को बृहस्पतिवार को बैंकिंग कारोबार समाप्त होने के समय से वापस लेने का फैसला किया है. सरकार ने यह निर्णय घटती ब्याज दरों को देखते हुए किया है. सरकार के इन बांड को सामान्य तौर पर आरबीआई बांड अथवा भारत सरकार के बांड के नाम से जाना जाता है. खुदरा निवेशकों के बीच ये बांड काफी पसंद किया जाता है. इन बांड में निवेश करने वाले अपनी मूल राशि की सुरक्षा के साथ साथ नियमित आय को ध्यान में रखते हुये निवेश करते हैं. प्रवासी भारतीय इन बांड में निवेश के पात्र नहीं हैं.

रिजर्व बैंक की बुधवार को जारी अधिसूचना में कहा गया है, "भारत सरकार एतत् द्वारा यह अधिसूचित करती है कि 7.75 प्रतिशत बचत (कर योग्य) बॉंड, 2018 बृहस्पतिवार, 28 मई 2020 को बैंकिंग कार्य समय समाप्त होने के समय से निवेश के लिये उपलब्ध नहीं होंगे."

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(The above story first appeared on LatestLY on May 28, 2020 12:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).