नयी दिल्ली, 17 अप्रैल हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड ने बृहस्पतिवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को आश्वासन दिया कि वह ‘लक्मे सनस्क्रीन’ के अपने विज्ञापन से प्रतिस्पर्धी कंपनी के लिए कथित अपमानजनक संदर्भों को हटा देगी।
न्यायमूर्ति अमित बंसल होनासा कंज्यूमर लिमिटेड के ‘द डर्मा को सनस्क्रीन’ से संबंधित मुकदमे की सुनवाई कर रहे थे।
अदालत ने हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) को यह सुनिश्चित करने को कहा कि वर्तमान स्वरूप में विज्ञापन और होर्डिंग को समयबद्ध तरीके से हटाया जाए।
न्यायाधीश ने एचयूएल के वकील से कहा, ‘‘आप आज से विज्ञापन बंद कर दीजिए। आप यह दिखाइए कि यह समझौते की भावना के अनुरूप है। आप इसे हटाने में देरी नहीं कर सकते...ऑनलाइन (विज्ञापन) 24 घंटे के भीतर हटाए जा सकते हैं।’’
जब अदालत ने पूछा कि क्या विज्ञापन हटाए जा सकते हैं, तो प्रतिवादी ने कहा कि विवादास्पद संदर्भों को हटा दिया जाएगा।
समझौते के मद्देनजर, दोनों पक्षों ने इस स्तर पर एचयूएल द्वारा बंबई उच्च न्यायालय में दायर मुकदमे पर जोर न देने पर सहमति व्यक्त की।
अदालत इस मामले की सुनवाई 21 अप्रैल को करेगी, क्योंकि प्रतिवादी के वकील ने कहा है कि वे अपने प्रस्तावित परिवर्तनों के संबंध में एक हलफनामा दायर करेंगे।
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