देश की खबरें | क्या गूगल इंडिया पहले से इंस्टॉल ऐप के मामले में यूरोप के समान व्यवस्था का पालन करेगा : न्यायालय

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने 1,337 करोड़ रुपये के भारी भरकम जुर्माने को लेकर कानूनी लड़ाई में फंसे गूगल इंडिया से सोमवार को पूछा कि क्या वह भारत में उसी व्यवस्था का पालन करेगा जैसा वह यूरोप में एंड्रॉइड-आधारित मोबाइल स्मार्टफोन में पहले से इंस्टॉल किए गए ऐप के संबंध में करता है।

नयी दिल्ली, 16 जनवरी उच्चतम न्यायालय ने 1,337 करोड़ रुपये के भारी भरकम जुर्माने को लेकर कानूनी लड़ाई में फंसे गूगल इंडिया से सोमवार को पूछा कि क्या वह भारत में उसी व्यवस्था का पालन करेगा जैसा वह यूरोप में एंड्रॉइड-आधारित मोबाइल स्मार्टफोन में पहले से इंस्टॉल किए गए ऐप के संबंध में करता है।

शीर्ष अदालत ने राष्ट्रीय कंपनी विधि अपील अधिकरण (एनसीएलएटी) के उस आदेश के खिलाफ अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल की याचिका पर सुनवाई की जिसमें एनसीएलएटी ने प्रतिस्पर्धा नियामक द्वारा लगाए गए 1,337 करोड़ रुपये के जुर्माने पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला की पीठ ने अमेरिकी कंपनी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ए.एम. सिंघवी से पूछा, ‘‘क्या गूगल भारत में वैसी ही व्यवस्था करेगा जैसा यूरोप में है? कृपया इस बारे में बताएं। हम इस मामले की सुनवाई बुधवार को करेंगे।’’

पीठ की इस टिप्पणी के पूर्व भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एन वेंकटरमण ने बताया कि गूगल ने यूरोपीय आयोग द्वारा पारित इसी तरह के आदेश का अनुपालन किया था। एएसजी ने आरोप लगाया कि कंपनी भारतीय उपभोक्ताओं के साथ भेदभाव कर रही है।

एनसीएलएटी ने चार जनवरी को प्रतिस्पर्धा नियामक के एक आदेश पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था और गूगल को 10 प्रतिशत राशि जमा करने को कहा था।

एनसीएलएटी ने देश में एंड्रॉयड स्मार्टफोन ऑपरेटिंग सिस्टम की प्रभावी स्थिति का दुरुपयोग करने के लिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) द्वारा 1,337.76 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने के खिलाफ गूगल की चुनौती को स्वीकार किया।

पूर्व में सिंघवी ने मामले की तत्काल सुनवाई के अनुरोध का उल्लेख किया था। वरिष्ठ वकील ने कहा कि सीसीआई द्वारा असाधारण निर्देश पारित किए गए हैं और आदेश का पालन 19 जनवरी तक किया जाना है।

सीसीआई ने पिछले साल अक्टूबर में गूगल से कहा था कि वह एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं को ऐप्स अनइंस्टॉल (हटाने) करने की अनुमति दे और उन्हें अपनी पसंद का सर्च इंजन चुनने दे। यह आदेश 19 जनवरी से प्रभावी होना था।

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