नयी दिल्ली, 11 फरवरी राज्यसभा में मंगलवार को आम आदमी पार्टी के एक सदस्य ने अमेरिका द्वारा गैर-कानूनी प्रवासी भारतीयों को अपने सैन्य विमान से अमृतसर भेजे जाने के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए प्रश्न किया कि उन्हें लिवा लाने के लिए विदेश मंत्री क्यों नहीं गये तथा भारत का विमान क्यों नहीं भेजा गया?
उच्च सदन में आम बजट पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा ने कहा कि अपने देश में मध्यम वर्ग को सोने का अंडे देने वाली मुर्गी समझा जाता है और हर सरकार इसका सिर मरोड़ने को तैयार रहती हैं। उन्होंने कहा कि आज स्थिति यह है कि मध्यम वर्ग खर्च ही नहीं कर पा रहा है क्योंकि उसकी आय सिकुड़ रही है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी को राहत देने के लिए जरूरी है कि ‘जीएसटी’ की दरों में कमी की जाए।
अमेरिका द्वारा गैर-कानूनी प्रवासियों को सैन्य विमान से भारत भेजे जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में हमारी सरकार अपना विमान उन लोगों को लाने के लिए क्यों नहीं भेज सकती थी। उन्होंने इस मामले में कोलंबिया की सराहना की जिसने अपने नागरिकों को लाने के लिए अपना विमान भेजा।
उन्होंने कहा कि वह गैर-कानूनी आव्रजन का समर्थन नहीं कर रहे किंतु अमेरिका में भारतीय नागरिकों के साथ जिस प्रकार व्यवहार किया गया, उसका विरोध किया जाना चाहिए।
आप सदस्य ने विदेश मंत्री जयशंकर प्रसाद से पूछा कि वह इन भारतीयों को लिवाने के लिए स्वयं क्यों नहीं गये। उन्होंने कहा कि जो लोग आये वे गुजरात, पंजाब, हरियाणा आदि राज्यों के थे किंतु अमेरिका के विमान को अमृतसर में क्यों उतारा गया, इस प्रश्न का सरकार को जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोग गरीबी और बेरोजगारी के कारण ‘डंकी रूट’ से अमेरिका जाने को मजबूर हुए।
चड्ढा ने बजट में रेलवे के लिए किए गए आवंटन की चर्चा करते हुए कहा कि यदि अधिकतर भारतीयों की मजबूरी नहीं हो तो वे कभी रेल सेवा न लें। उन्होंने कहा कि भारतीय ट्रेनों में मिलने वाली सुविधाएं दिनोंदिन बदतर होती जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली रियायत को बहाल करने के बारे में विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि रेल मंत्री दावा कर रहे हैं कि कवच लगने के बाद रेल यात्रा सुरक्षित हुई है लेकिन स्थिति यह है कि लगभग हर महीने ट्रेन दुर्घटनाएं हो रहीं हैं जिनमें लोगों की जान जा रही है।
चर्चा में भाजपा के आरपीएन सिंह, संजय सेठ, दीपक प्रकाश, गीता चंद्रपभा, दर्शना सिंह एवं धर्मशिला गुप्ता, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के उपेन्द्र कुशवाहा, शिवसेना (उबाठा) की प्रियंका चतुर्वेदी, निर्दलीय अजीत कुमार भूइयां, भाकपा के संदोष कुमार पी आदि ने भी हिस्सा लिया। चर्चा अधूरी रही।
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