जर्मनी: यौन हिंसा के खिलाफ सड़कों पर उतरी हजारों की भीड़
जर्मन अभिनेत्री कोलीन फर्नांडीस द्वारा अपने पूर्व पति क्रिस्टियान उल्मन पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद जर्मनी में यौन हिंसा के खिलाफ बहस तेज हो गई है.
जर्मन अभिनेत्री कोलीन फर्नांडीस द्वारा अपने पूर्व पति क्रिस्टियान उल्मन पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद जर्मनी में यौन हिंसा के खिलाफ बहस तेज हो गई है. कोलोन में हजारों लोगों ने सुरक्षा की मांग को लेकर प्रदर्शन किया.जर्मनी के शहर कोलोन में शनिवार को हजारों लोग पितृसत्तात्मक हिंसा के खिलाफ सड़कों पर उतरे. यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से यौन हिंसा को रोकने और पीड़ितों को बेहतर सुरक्षा देने की मांग को लेकर आयोजित किया गया था. पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन रूडोल्फप्लात्स से शुरू होकर रिंगस्ट्रासे होते हुए क्लोडविगप्लात्स तक पहुंचा.
ऐसे विरोध प्रदर्शन अभिनेत्री और टीवी प्रजेंटर कोलीन फर्नांडीस द्वारा अपने पूर्व पार्टनर और अभिनेता क्रिस्टियान उल्मन पर लगाए गए सनसनीखेज आरोपों के बाद शुरू हुए हैं. डेय श्पीगल की रिपोर्ट के अनुसार, कोलीन ने उल्मन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.
कोलीन का आरोप है कि उल्मन ने सोशल मीडिया पर उनके नाम से बिल्कुल असली दिखने वाले 'फेक प्रोफाइल' बनाए. इन प्रोफाइलों के जरिए कथित तौर पर सैकड़ों पुरुषों से संपर्क किया गया. आरोप है कि उल्मन ने कोलीन बनकर उनसे अश्लील चैट की और आपत्तिजनक तस्वीरें व वीडियो भी भेजे, ताकि लोगों को लगे कि वे कोलीन की ही असली फुटेज हैं.
पिछले कुछ हफ्तों में जर्मनी के कई शहरों, जैसे हैम्बर्ग में भी डिजिटल हिंसा के खिलाफ रैलियां हुई हैं. इन रैलियों में कोलीन फर्नांडीस ने खुद भी हिस्सा लिया था, जिसके बाद यह मुद्दा पूरे जर्मन समाज में चर्चा का विषय बन गया है.
क्रिस्टियान उल्मन ने कहा, 'आरोप झूठे हैं'
हालांकि, क्रिस्टियान उल्मन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उनके वकीलों ने एक प्रेस रिलीज जारी कर कहा है कि क्रिस्टियान उल्मन ने कभी भी कोलीन फर्नांडीस या किसी अन्य व्यक्ति के डीपफेक वीडियो नहीं बनाए और ना ही उन्हें कहीं बांटा है.
वकीलों ने जनवरी 2023 में मयोर्का में हुई एक कथित हिंसा की घटना का भी जिक्र किया और कहा कि उल्मन की ओर से कोई हिंसा या धमकी नहीं दी गई थी. दूसरी ओर, कोलीन फर्नांडीस ने अपने इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर वकीलों के इस दावे का कड़ा विरोध किया है. फिलहाल कानून की नजर में उल्मन को तब तक निर्दोष माना जा रहा है जब तक आरोप साबित नहीं हो जाते.
प्रदर्शन के आयोजकों का कहना है कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा रोकने के लिए केवल कानून काफी नहीं हैं, बल्कि समाज को अपनी सोच बदलनी होगी. उनकी प्रमुख मांगें है कि पीड़ितों के लिए बेहतर और तत्काल सुरक्षा व्यवस्था की जाए और डिजिटल और शारीरिक हिंसा को रोकने के लिए ठोस निवारक उपाय तय किए जाएं.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 29, 2026 08:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

