जरुरी जानकारी | विदेशी बाजारों में मंदी के बीच सभी तेल-तिलहनों के थोक भाव टूटे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख के बीच देश के तेल-तिलहन बाजारों में मंगलवार को लगभग सभी तेल-तिलहनों की थोक कीमतों में गिरावट देखने को मिली। दिन में कारोबार के दौरान सरसों, मूंगफली, बिनौला तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल की थोक कीमतों में गिरावट दर्ज हुई।
नयी दिल्ली, 10 अक्टूबर विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख के बीच देश के तेल-तिलहन बाजारों में मंगलवार को लगभग सभी तेल-तिलहनों की थोक कीमतों में गिरावट देखने को मिली। दिन में कारोबार के दौरान सरसों, मूंगफली, बिनौला तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल की थोक कीमतों में गिरावट दर्ज हुई।
बाजार सूत्रों ने कहा कि तेल-तिलहन बाजार में चौतरफा मंदी है और नौबत यहां तक आ पहुंची है कि किसानों से सरसों खरीद करने वाली सहकारी संस्था नेफेड ठीक सरसों की बिजाई शुरू होने के समय में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम दाम पर सरसों की बिकवाली कर रही है। यह सरसों किसानों को हतोत्साहित कर सकता है।
सूत्रों ने कहा कि एक बात पर गौर करने की आवश्यकता है कि सरकार हर साल तिलहनों के ‘एमएसपी’ को बढ़ाती है और तेल के दाम लगभग पांच साल से नीचे चल रहे हैं। चूंकि देश का तेल-तिलहन बाजार आयातित तेलों से प्रभावित होता है, इसलिए अगर सोयाबीन डीगम के दाम को देखें, तो पांच साल पहले इसका भाव 90 रुपये किलो था जो अब घटकर 80 रुपये किलो रह गया है। आयातित तेल के भाव नरम होने पर अधिक लागत वाले देशी तिलहनों का खपना मुश्किल हो जाता है। देशी तिलहनों के नहीं खपने से विशेष तौर पर तेल खली और डीआयल्ड केक की समस्या आ सकती है जिनका उपयोग मवेशीचारे और मुर्गीदाने के लिए किया जाता है। खल की मांग आने वाले दिनों में और बढ जायेगी और इसका बंदोबस्त करना सरकार के लिए चुनौती बन सकता है। तेल आयातक तेल मिलों की हालत पतली हो गयी है। इन सबके बावजूद अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) ऊंचा तय किये जाने की वजह से उपभोक्ताओं को भी महंगे में खाद्य तेल मिल रहा है।
मंगलवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 5,400-5,450 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 7,125-7,175 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 17,000 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल 2,495-2,780 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 10,050 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,705 -1,800 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,705 -1,815 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,400 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,300 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 7,825 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 7,625 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,275 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 8,850 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 7,950 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 4,350-4,400 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 4,050-4,200 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का)- 4,015 रुपये प्रति क्विंटल।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)