देश की खबरें | हिरासत पैरोल के दौरान पुलिस सुरक्षा पर होने वाला खर्च कौन वहन करेगा : सरकार ने अदालत से पूछा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर यह स्पष्ट करने का अनुरोध किया है कि कैदी को जब कई सप्ताह तक हिरासत पैरोल दी जाती है तो इस दौरान पुलिस कर्मियों द्वारा मुहैया करायी जाने वाली सुरक्षा के खर्च को कौन वहन करेगा।

नयी दिल्ली, 25 फरवरी दिल्ली सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर यह स्पष्ट करने का अनुरोध किया है कि कैदी को जब कई सप्ताह तक हिरासत पैरोल दी जाती है तो इस दौरान पुलिस कर्मियों द्वारा मुहैया करायी जाने वाली सुरक्षा के खर्च को कौन वहन करेगा।

यह मुद्दा दो आरोपियों को मजिस्ट्रेट की अदालत द्वारा दो सप्ताह की हिरासत पैरोल दिए जाने और उनकी सुरक्षा में तैनात कर्मियों की यात्रा, भोजन और अन्य खर्चों का भुगतान आवेदकों द्वारा करने के निर्देश के बाद आया।

जेल अधिकारियों ने अर्जी देकर दो विचाराधीन कैदियों राहुल गौर और उसकी पत्नी नवनीत कौर से हिरासत पैरोल के दौरान उनकी सुरक्षा के लिए तैनात कर्मियों पर आए 10,64,055 रुपये के खर्च का भुगतान कराने का अनुरोध किया तो मजिस्ट्रेट अदालत ने उन्हें भुगतान करने का निर्देश दिया। गौरसंस के अध्यक्ष के मालिक के बेटे राहुल और बहू कौर को हिरासत पैरोल के दौरान आए खर्च का बिल दिल्ली सशस्त्र पुलिस की तीसरी बटालियन ने भेजा था।

हालांकि, दंपत्ति ने मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश को सत्र न्यायालय में चुनौती दी जिसने फैसला पलट दिया जिसके बाद दिल्ली सरकार ने राहत के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया।

न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर की अदालत ने सुनवाई अदालत से रिकॉर्ड मंगाने और अक्टूबर 2021 में सत्र न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश को रद्द करने की अधिकारियों की अर्जी पर नोटिस जारी किया।

अतिरिक्त लोक अभियोजक अमित साहनी ने बताया,‘‘मौजूदा याचिका में कई अहम मुद्दे हैं जैसे क्या दोषी/आरोपी को, जिसे कई सप्ताह की हिरासत पैरोल मिलती है, इस अवधि में उसकी सुरक्षा के लिए तैनात कर्मियों का खर्च वहन करना चाहिए या यह खर्च राजकोष से होना चाहिए।’’

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