जरुरी जानकारी | पंजाब में गेहूं की आवक घटी, पांच मई को बंद होगी खरीद
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. पूरे पंजाब में गेहूं की आवक में भारी गिरावट के मद्देनजर खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग ने राज्य की सभी मंडियों में गेहूं खरीद को बंद करने का फैसला किया है।
चंडीगढ़, तीन मई पूरे पंजाब में गेहूं की आवक में भारी गिरावट के मद्देनजर खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग ने राज्य की सभी मंडियों में गेहूं खरीद को बंद करने का फैसला किया है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री लालचंद कटारुचक ने मंगलवार को कहा कि राज्य की मंडियों को पांच मई से चरणबद्ध तरीके से बंद किया जाएगा।
यहां जारी एक सरकारी बयान के अनुसार, उन्होंने कहा कि इस संबंध में अधिसूचना पंजाब मंडी बोर्ड द्वारा जारी की जाएगी।
मंत्री ने राज्य में गेहूं की खरीद की महीने भर की कवायद में शामिल किसानों, आढ़तियों (कमीशन एजेंटों), मजदूरों, ट्रांसपोर्टरों और सरकारी अधिकारियों का आभार जताया। उन्होंने खरीद की गति और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के बकाये के सीधे किसानों के बैंक खातों में तेजी से वितरण पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा, यह खराब मौसम से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद हुआ। खराब मौसम की वजह से राज्य के अधिकांश हिस्सों में गेहूं के दाने सूख गए।
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर गेहूं की कीमतों में तेजी के बाद ज्यादातर राज्यों में गेहूं की सरकारी खरीद में भारी गिरावट देखी गई, लेकिन केंद्रीय पूल में पंजाब का हिस्सा सबसे अधिक रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य ने अब तक 93 लाख टन से अधिक गेहूं की खरीद की है।
रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में फसल की मांग में वृद्धि हुई है और निजी व्यापारियों की गेहूं की खरीद भी बढ़ी है।
सूखे गेहूं के लिए मानदंडों में ढील देने में देरी के बारे में उन्होंने कहा कि खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग, भारत सरकार ने ऐसे अनाज की समस्या की सीमा का पता लगाने के लिए मंडियों से नमूने लेने को अधिकारियों का एक दूसरा दल भेजने का फैसला किया था।
अप्रैल से फसल की खरीद शुरू होने से पहले 132 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया था।
अधिकारियों ने पहले कहा था कि गर्मी के मौसम की जल्द शुरुआत के प्रतिकूल प्रभाव और तापमान में अचानक वृद्धि के कारण इस सत्र में पंजाब के गेहूं के उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है।
राज्य में कई स्थानों पर गेहूं उत्पादकों ने गर्मी और लू की शुरुआत के कारण उपज में गिरावट और अनाज के सूखने की सूचना दी थी।
राज्य के कृषि विभाग द्वारा हाल ही में किए गए फसल कटाई प्रयोगों के अनुसार, गेहूं की उपज में प्रति हेक्टेयर औसतन पांच क्विंटल की गिरावट आई है।
राज्य में पिछले साल 48.68 क्विंटल प्रति हेक्टेयर गेहूं की पैदावार हुई थी। पिछले साल पंजाब का कुल गेहूं उत्पादन लगभग 171 लाख टन था।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 03, 2022 06:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

