देश की खबरें | स्कूलों में चल रहे कोचिंग केंद्रों को रोकने के लिए राज्य ने क्या कदम उठाए: अदालत ने पूछा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह पारित एक आदेश में राज्य सरकार और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से पूछा है कि उत्तर प्रदेश में स्कूलों में चल रहे कोचिंग केंद्रों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

प्रयागराज, तीन अगस्त इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह पारित एक आदेश में राज्य सरकार और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से पूछा है कि उत्तर प्रदेश में स्कूलों में चल रहे कोचिंग केंद्रों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

अदालत ने प्रतिवादी अधिकारियों को 10 दिन के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 14 अगस्त तय की।

न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार की पीठ ने मनीष कुमार मिश्रा नाम के एक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका पर यह आदेश पारित किया।

याचिकाकर्ता का आरोप है कि इस राज्य में निजी स्कूलों में कोचिंग सेंटर चलाए जा रहे हैं। याचिका में प्रतिवादी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया कि यूपी कोचिंग नियमन अधिनियम, 2002 का कड़ाई से पालन किया जाए।

याचिकाकर्ता की शिकायत है कि उसके संस्थान के आसपास सीबीएसई से मान्यताप्राप्त कई संस्थान हैं और वे अपने स्कूल-कॉलेजों के भवन में कोचिंग सेंटर चला रहे हैं जोकि सीबीएसई की नीति और यूपी कोचिंग नियमन अधिनियम, 2002 के विपरीत है। इसके अनुसार, अधिकारियों से इस बारे में कई बार शिकायत की गई, लेकिन इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\