मेरठ/बागपत/हापुड़/सहारनपुर/नोएडा, 27 नवंबर केंद्र सरकार से कृषि कानून वापस लेने की मांग को लेकर पंजाब-हरियाणा के किसान आंदोलन की आंच शुक्रवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी देखने को मिली। कई जिलों में प्रदर्शनकारी किसानों ने राजमार्ग पर जाम लगाकर अपना विरोध जताया।
पंजाब और हरियाणा के किसानों पर किये गये लाठी चार्ज पर आक्रोश जताते हुए भारतीय किसान यूनियन ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रदर्शन का एलान किया है।
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इसके तहत मेरठ, बागपत, हापुड़, सहारनपुर समेत कई जगहों पर किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया।
मेरठ में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के कार्यकर्ता शुक्रवार सुबह 11 बजे दिल्ली देहरादून बाइपास पर जटौली कट के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए।
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इस दौरान ट्रैक्टर ट्रालियां सड़क पर खड़ी करके धरने पर बैठे भाकियू कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी भी की।
प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर दिल्ली और हरिद्वार, देहरादून से आवाजाही को बंद कर दिया गया जिससे राजमार्ग पर वाहनों की कतार लग गई है।
भाकियू के मेरठ जिलाध्यक्ष मनोज त्यागी ईकडी ने कहा, ‘‘सरकार के तानाशाही वाले रवैये से किसान डरने वाले नहीं है। कृषि कानून बनाकर किसानों के साथ धोखा हुआ है। विरोध करने पर सरकार ने किसानों की आवाज को कुचलने की कोशिश की जिसका जवाब आंदोलन से दिया जाएगा।’’
वहीं बागपत में भारतीय किसान यूनियन ने कृषि कानूनों को वापस लेने और किसानों पर हुए लाठी चार्ज के विरोध में शुक्रवार को जिले में निवाड़ा पुल पर शुक्रवार को सोनीपत हाइवे को जाम किया।
बागपत के पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि बागपत जिले में निवाड़ा पुल हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सीमा है। उन्होंने कहा कि यहां किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मजिस्ट्रेट मौजूद हैं व भारी संख्या में पुलिस बल लगाया गया है। इसके साथ ही स्थानीय किसान नेताओं से पुलिस सम्पर्क बनाए हुए है।
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश सिंह टिकैत ने नोएडा में ‘’ से कहा कि कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों से सरकार बातचीत करे तथा विवादित कानून को वापस ले।
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